
विदेशी मेहमानों से मिलने नहीं देते, राहुल गांधी के आरोपों पर शशि थरूर बोले- लोकतंत्र में अच्छा होगा जो...
राहुल गांधी के आरोपों को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि लोकतंत्र में अच्छा होगा कि जो भी आते हैं हमारे देश में, वे सबसे मिल लें, लेकिन मैं इसके बारे में डिटेल्स नहीं जानता हूं।
राहुल गांधी के उन आरोपों पर शशि थरूर की प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें कांग्रेस सांसद ने कहा था कि सरकार विदेशी मेहमानों को नेता विपक्ष से मिलने नहीं देती है। थरूर ने राहुल गांधी के इन आरोपों पर कहा कि लोकतंत्र में यह अच्छा होगा कि जो भी विदेशी मेहमान आता है हमारे देश में, वह सबसे मिल ले। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष ने अपनी बात रख दी है, और मुझे लगता है कि सरकार को जवाब देना चाहिए।
राहुल के आरोपों को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, ''लोकतंत्र में अच्छा होगा कि जो भी आते हैं हमारे देश में, वे सबसे मिल लें, लेकिन मैं इसके बारे में डिटेल्स नहीं जानता हूं।'' लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया है कि सरकार विदेशी मेहमानों को विपक्षी नेता से मिलने से रोक रही है क्योंकि वह खुद को असुरक्षित महसूस करती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई विशिष्ट विदेशी मेहमान भारत आता है या वह विदेश जाते हैं तो सरकार की तरफ से कहा जाता है कि उनसे (राहुल से) मुलाकात नहीं होनी चाहिए।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे पर थरूर ने कहा कि मुझे लगता है कि यह एक जरूरी विजिट है, और हमारे देश में, बिना किसी शक के, रूस, चीन और अमेरिका के साथ कई जरूरी बाइलेटरल रिलेशन बनाए रखने की जरूरत है। हम यह बात नहीं मान सकते कि एक रिश्ता दूसरे रिश्ते के नेचर से तय होना चाहिए। असल में, हमारे पास अपने एंगेजमेंट की शर्तें तय करने के लिए सॉवरेन ऑटोनॉमी होनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, ''इसी भावना से मेरा मानना है कि हमने रूस, अमेरिका और चीन के साथ अलग-अलग समय पर पर अच्छे रिलेशन बनाए रखे हैं। प्रेसिडेंट पुतिन के यहां आने पर साइन किए जा सकने वाले कुछ पॉसिबल एग्रीमेंट पर काम करने के लिए एक्सपर्ट लेवल पर पहले ही बहुत सारी बातचीत हो चुकी है, और यह हमारे लिए बहुत कीमती होगा... डिफेंस कोऑपरेशन बहुत जरूरी रहा है। हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 एयर डिफेंस सिस्टम का यूटिलिटी पहले ही देख लिया था। अब और S-400, या शायद S-500 पर भी बातचीत हो रही है... हमारे वर्कर्स के लिए एक मोबिलिटी एग्रीमेंट की संभावना है। हम ऐसी सिचुएशन नहीं चाहते जहां हमारे लोग एक चीज के लिए जाएं और आखिर में दबाव में आ जाएं। मुझे यकीन है कि हमारे प्राइम मिनिस्टर और प्रेसिडेंट पुतिन के बीच अच्छी बातचीत होगी।''

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
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