
हार की समीक्षा हो, मुझे तो कैंपेन के लिए भी नहीं बुलाया; दिग्गज कांग्रेसी ने उठा दिए सवाल
संक्षेप: शशि थरूर का कहना है कि इस हार की समीक्षा होनी चाहिए। यही नहीं उन्होंने कहा कि मुझे तो बिहार में चुनाव प्रचार के लिए भी पार्टी ने नहीं बुलाया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस करारी हार की समीक्षा करनी चाहिए।
कांग्रेस के सीनियर नेता शशि थरूर ने बिहार विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इतनी बुरी हार की समीक्षा होनी चाहिए। बिहार चुनाव में अब तक कांग्रेस सिर्फ 2 सीटों पर ही आगे चल रही है। यह हाल बेहद निराशाजनक है, जहां पार्टी ने 61 सीटों पर कैंडिडेट उतारे थे। शशि थरूर का कहना है कि इस हार की समीक्षा होनी चाहिए। यही नहीं उन्होंने कहा कि मुझे तो बिहार में चुनाव प्रचार के लिए भी पार्टी ने नहीं बुलाया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस करारी हार की समीक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह तो पता करनी चाहिए कि आखिर ऐसी हार के कारण क्या रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह याद रखना चाहिए कि हम गठबंधन में सीनियर पार्टनर के तौर पर नहीं थे। इसलिए आरजेडी को खुद अपने प्रदर्शन का भी आकलन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार का जनादेश देखते हुए चिंतन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस नतीजे के कई फैक्टर हो सकते हैं, जिन्हें समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह तो पता लग गया है कि जनता का मूड क्या था, लेकिन सवाल संगठन की मजबूती और कमजोरी का है। संदेश संगठन से ही जाता है। ऐसे कई मसले कांग्रेस के संगठन में हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है।
शशि थरूर के एक लेख पर भी मचा था बवाल
खुद को लेकर उन्होंने कहा कि मुझे तो कैंपेन में बुलाया ही नहीं गया था। इसलिए मैं अपने निजी अनुभव के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा। वहां गए लोगों को ही बताना होगा कि हार के क्या कारण हैं और उसकी समीक्षा की जानी चाहिए। बता दें कि शशि थरूर ने पिछले दिनों एक लेख लिखा था और नेहरू-गांधी फैमिली पर राजनीति में परिवार वाद को बढ़ावा देने के आरोप लगाए थे। इस पर कांग्रेस से उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी थी।
थरूर पर भड़के कांग्रेस नेता- आपको सांसदी किसके चलते मिली?
कांग्रेस लीडर एम.एम हसन ने कहा था कि वह राजनीति में ही नेहरू परिवार के समर्थन से आए थे। उनके ही चलते सारी उपलब्धियां पाई थीं और आज उन पर ही सवाल उठा रहे हैं। हसन ने कहा कि मैंने उन्हें वोट दिया था, जबकि देश और समाज के लिए उन्होंने कोई पसीना नहीं बहाया था। लेकिन ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन्हें नेहरू गांधी परिवार का समर्थन था और वह सांसद चुने गए। उन्होंने कहा था कि शशि थरूर को शायद कांग्रेस ने नौकरी पर रख लिया है और उसके तहत ही वे राहुल गांधी पर अटैक कर रहे हैं।





