होर्मुज संकट के बीच चमका भारत का विजिनजम पोर्ट, शशि थरूर ने की तारीफ
होर्मुज संकट के बीच ज्यादा ट्रैफिक संभाल रहे भारत के पहले डीपवॉटर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट विजिनजम की शशि थरूर ने तारीफ की है। उन्होंने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में आने वाला यह पोर्ट लगातार रिकॉर्ड बना रहा है।

Shashi Tharoor: होर्मुज पर जारी संकट भारत समेत पूरी दुनिया को ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। लेकिन अब यही संकट भारत के एक पोर्ट के लिए वरदान साबित हो रहा है। यह पोर्ट है केरल का निर्माणाधीन विजिनजम पोर्ट, जिसे वर्ष 2015 से बनाया जा रहा है। केरल से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस पोर्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि होर्मुज से बंद होने से उनके संसदीय क्षेत्र में आने वाला यह पोर्ट लगातार नए मेहमानों का स्वागत कर रहा है। भी फिलहाल करीब 100 जहाज इस पर आने के इंतजार में खड़े हुए हैं।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर इस पोर्ट की तारीफ करते हुए लिखा, "100 जहाज, एक मंजिल। होर्मुज संकट ने वैश्विक शिपिंग का ध्यान मेरे निर्वाचन क्षेत्र की ओर मोड़ दिया है। तिरुवनंतपुरम का विजिनजम पोर्ट इस समय भारी दबाव देख रहा है, जहां 100 जहाज कतार में हैं या प्रवेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि विजिनजम दुनिया के लिए भारत का 'ट्रांसशिपमेंट समाधानट' है, क्योंकि इसने रिकॉर्ड समय में 10 लाख टीईयू (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) का आंकड़ा पार कर लिया है और अब इसके फेज-2 का काम तेजी से चल रहा है।
भारत का विजिनजम डीपवॉटर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट
भारत का पहला ट्रांसशिपमेंट डीपवॉटर पोर्ट विजिनजम केरल में स्थित है। कोलंबो पोर्ट से हमारे भार को कम करने और दक्षिण एशिया में एक नया केंद्र बनाने के लिए वर्ष 1991 में सबसे पहले इसकी कल्पना की गई थी। बाद में तमाम उठापटक और फाइलों में अटके रहने के बाद आखिरकार 2015 में इसका काम शुरू हुआ। अडानी ग्रुप इस पोर्ट का संचालन करता है, जबकि इसमें बहुमत हिस्सेदारी केरल सरकार की है।
यह परियोजना नहीं, वैश्विक आवश्यकता: थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस पोर्ट की जमकर तारीफ की है। उन्होंने लिखा, "आज विजिनजम के हालात बदल रहे हैं। होर्मुज पर चल रही बाधाओं के बीच दुनिया एक नए, भरोसेमंद मार्ग की तलाश कर रही है। विजिनजम ने इसका जवाब दिया है। भारत का पहला डीप-वॉटर ट्रांसशिपमेंट हब अब सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि वैश्विक आवश्यकता बन गया है।”
पोर्ट के संचालन के बारे में बताते हुए थरूर ने कहा कि पिछले महीने ही 61 जहाजों को संभाला गया, जो एक नया रिकॉर्ड है, और अभी 100 जहाजों के प्रवेश की प्रतीक्षा बाकी है। उन्होंने लिखा कि विस्तार कार्य जारी है, जिससे एक साथ 5 बड़े मदरशिप्स को संभाला जा सकेगा। “हम एक ऐसे समुद्री दिग्गज का उदय देख रहे हैं, जो केवल कोलंबो या सिंगापुर जैसे वैश्विक हब से प्रतिस्पर्धा ही नहीं करता, बल्कि एक नया मानक स्थापित करता है।"
क्या होती है ट्रांसशिपमेंट सुविधा?
ट्रांसशिपमेंट पोर्ट वह सुविधा होती है, जिसमें कंटेनरों को एक जहाज से दूसरे जहाज में स्थानांतरित किया जाता है। इससे वे अपने अंतिम गंतव्य तक पहुंच सकें। ऐसे पोर्ट अंतरराष्ट्रीय कार्गो की बड़ी मात्रा को संभालते हैं। ट्रांसशिपमेंट पोर्ट सुविधा के मामले में भारत परंपरागत रूप से कोलंबो जैसे विदेशी हब पर निर्भर रहा है। लेकिन 2015 में बनना शुरू हुए विजिनजम के बाद अब हालात बदलना शुरू हुए हैं।
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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