
मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में डालने की सख्त जरूरत, थरूर ने LS में पेश किया निजी विधेयक
कांग्रेस सांसद ने एक पोस्ट में कहा है कि वैवाहिक बलात्कार को अपराध की श्रेणी में डालने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता में संशोधन के लिए निजी विधेयक भी पेश किया है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को वैवाहिक बलात्कार को अपराध की श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव वाला एक निजी विधेयक लोकसभा में पेश किया है। शशि थरूर ने इस दौरान इस बात पर जोर दिया है कि भारत को अपने संवैधानिक मूल्यों को कायम रखना चाहिए।
तिरुवनंतपुरम से सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वैवाहिक बलात्कार को अपराध की श्रेणी में डालने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) में संशोधन के लिए लोकसभा में निजी विधेयक भी पेश किया है। बता दें कि एक प्राइवेट मेंबर बिल यानी निजी विधेयक वह बिल होता है जिसे संसद का कोई ऐसा सदस्य पेश करता है जो मंत्री नहीं होता। वहीं एक मंत्री द्वारा पेश किए गए बिल को सरकारी बिल कहा जाता है।
शशि थरूर ने पोस्ट में कहा, ‘‘भारत को अपने संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखना चाहिए और 'ना का मतलब ना' से सिर्फ हां का मतलब हां होने की ओर बढ़ना चाहिए। हर महिला को विवाह संबंध के दायरे में शारीरिक स्वायत्तता और गरिमा का मौलिक अधिकार मिलना चाहिए। कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, “मैरिटल रेप शादी के बारे में नहीं, बल्कि हिंसा के बारे में है। अब कार्रवाई का समय आ गया है।”
इससे पहले थरूर ने दो अन्य गैर सरकारी विधेयक भी पेश किए हैं। ये बिल व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता, 2020 में संशोधन और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुनर्गठन की सिफारिश केंद्र को करने के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पुनर्गठन आयोग की स्थापना से संबंधित हैं।





