पढ़ाने वाला हुआ 'टीचर', तो खाना बनाने वाले को ‘कुकर’ क्यों नहीं कहते? शशि थरूर ने दिया जवाब
Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक वीडियो शांत शेयर कर एक बार फिर से अपने अंग्रेजी के ज्ञान का प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि आखिर क्यों पढ़ाने वाले को तो टीचर कहते हैं लेकिन खाना बनाने वाले को कुकर नहीं कहते।
Shashi Tharoor: अंग्रेजी भाषा पर मजबूत पकड़ के लिए पहचाने वाले कांग्रेस सांसद शशि थरूर अकसर चर्चा का केंद्र बने रहते हैं। सोशल मीडिया साइट पर अपनी लंबी फॉलोइंग को भी वह कुछ न कुछ कंटेंट देते ही रहते हैं। हाल ही में उनके ऑफिस वाले पेज ने एक यूट्यूब वीडियो पोस्ट किया। इसमें कांग्रेस सांसद अंग्रेजी भाषा के कुछ शब्दों को लेकर भी अपनी राखते हुए और लोगों की जिज्ञासा को शांत करते हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल, कुछ लोगों का एक सवाल था कि जब पढ़ाने वाले को टीचर कह सकते हैं, तो फिर खाना बनाने वाले को कुकर क्यों नहीं कहते। (Why is the one who teaches a teacher, but the one who cooks isn’t a cooker?)
सोशल मीडिया साइट एक्स पर शेयर किए गए इस वीडियो में कांग्रेस सांसद शशि थरूर इस बात को बहुत ही शांति के साथ समझाते हैं। कांग्रेस सांस ने लिखा, "अंग्रेजी के शब्दों में 'er' लगाने का मतलब हमेशा किसी व्यक्ति से नहीं होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे टीचर, पेंटर और फॉर्मर जैसे शब्दों में 'er' का मतलब उस व्यक्ति से होता है, जो उस काम कर कर रहा है। लेकिन कई जगह पर ऐसा नहीं होता है।"
यह MORPHEMES का है पूरा खेल- शशि थरूर
थरूर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इस सवाल का असली जवाब अंग्रेजी ग्रामर में छिपा हुआ है। खासतौर पर MORPHEMES में। ग्रामर के मुताबिक इसके दो प्रकार होते हैं। एजेंटिव मॉर्फिम और दूसरे होते हैं इंस्ट्रूमेंटल मॉर्फिम।
थरूर के मुताबिक एजेंटिव मॉर्फिर उस व्यक्ति को प्रदर्शित करता है, जो कि कोई काम कर रहा होता है। जैसे की पेंटर,टीचर या फिर फॉर्मर। वहीं इंस्ट्रुमेंटर मॉर्फेम का मतलब किसी काम को करने वाले या इस्तेमाल होने वाले औजार के संदर्भ में किया जाता है। यही वजह है कि ड्राइवर जैसे शब्दों को व्यक्ति और किसी चीज दोनों संदर्भों में प्रयोग किया जा सकता है।
'कुक करने वाले को क्यों नहीं कहते कुकर' थरूर ने दिया जवाब
कांग्रेस सांसद ने कुकर शब्द को लेकर भी लोगों की जिज्ञासा का शांत किया। उन्होंने कहा कि खाना पकाने वाले व्यक्ति को कुक कहा जाता था। इसलिए जब एक बर्तन बना, तो उसका नाम कुकर रख दिया गया। पढ़ाने वाले व्यक्ति को टीचर कह सकते हैं लेकिन खाने पकाने वाले व्यक्ति को कुकर नहीं कहा जाता है। क्योंकि कुक शब्द पहले से प्रयुक्त किया जाता रहा है। जबकि कुकर हाल में प्रयोग किया गया है।
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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