होटल लिफ्ट में फंस गए शशि थरूर, रेस्क्यू टीम ने स्प्रेडर से दरवाजा खोलकर निकाला
कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक प्राइवेट होटल की लिफ्ट में फंस गए। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने उन्हें हाइड्रोलिक स्प्रेडर से दरवाजा खोलकर बाहर निकाला। बाहर आने के बाद थरूर ने कहा कि वह ठीक है। किसी को चोट नहीं आई है।
Shashi Tharoor got stuckin lift: कांग्रेस सांसद शशि थरूर तिरुवनंतपुरम के एक होटल की लिफ्ट में फंस गए। शुक्रवार शाम को हुई इस घटना के में कांग्रेस सांसद करीब 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे। इसके बाद होटल कर्मचारियों ने उन्हें निकालने की कोशिश की लेकिन वह इसमें सफल नहीं हुए। इसके बाद फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारियों को बुलाया गया। इन्होंने हाईड्रोलिक स्प्रेडर का इस्तेमाल करते हुए लिफ्ट का दरवाजा खोला और कांग्रेस सांसद समेत सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
लिफ्ट से सुरक्षित बाहर आने के बाद कांग्रेस सांसद ने लोगों की तरफ अपने चिर परिचित अंदाज में मुस्कराते हुए देखा और बोले की 'सब ठीक है।' इसके बाद लोगों ने उनसे पूछा कि क्या हुआ था। इसका जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि हम सभी ठीक हैं। अब कैसे हुआ इसका जवाब तो एक्सपर्ट देंगे। उन्होंने कहा, "हम लिफ्ट से आ रहे थे, एक दम से लिफ्ट फंस गई। हमने सब कुछ करके इसे शुरू करने कोशिश की। लेकिन यह शुरू नहीं हुई। इसके बाद हमने फायर एंड रेस्क्यू सर्विस को बुलाया। इसके बाद हमें निकाला गया।"
इस मामले पर ज्यादा जानकारी देते हुए रेस्क्यू टीम के अधिकारी जितेश बाबू ने कहा कि हमें जैसे ही घटना की जानकारी मिली। टीम ने अपना काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, "हमें जानकारी मिली की लिफ्ट के अंदर लगभग 9 लोग फंसे हुए हैं। इसमें कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी शामिल हैं। यहां पहुंचने पर हमने देखा कि लिफ्ट के दरवाजों को थोड़ा खोल दिया गया था। इसके बाद हमने हाइड्रोलिक स्प्रेडर का इस्तेमाल करके दरवाजों को खोला। और कुछ ही देर में थरूर और अंदर फंसे अन्य लोगों को बाहर निकाला। जब दरवाजे खोले गए, तो पता चला कि लिफ्ट अपनी मंजिल तक पूरी तरह पहुँचने से पहले ही रुक गई थी। इसलिए लोग उसमें फंस गए थे।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लिफ्ट अपने निर्धारित समय पर मंजिल पर नहीं पहुंची थी। इसी वजह से उसके दरवाजे नहीं खुल पाए। गौरतलब है कि लिफ्ट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के साथ 7 और लोग भी फंसे थे। होटल स्टाफ ने पहले चाबी की मदद से लिफ्ट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। लेकिन यह नहीं हो पाया। इसके बाद हाइड्रोलिक स्प्रेडर की मदद से दरवाजा खोला गया और सभी लोगों को बाहर निकाला गया।


