Hindi NewsIndia NewsShashi Tharoor facing criticism for praising LK Advani responded by saying Nehru and Indira gandhi
नेहरू और इंदिरा को... आडवाणी की तारीफ करने पर आलोचना झेल रहे शशि थरूर ने दिया जवाब

नेहरू और इंदिरा को... आडवाणी की तारीफ करने पर आलोचना झेल रहे शशि थरूर ने दिया जवाब

संक्षेप: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि किसी एक घटना को लेकर लालकृष्ण आडवाणी के पूरे सार्वजनिक जीवन को जांचा जाना चाहिए। जैसे, इंदिरा गांधी के आपातकाल और नेहरू को केवल चीन से युद्ध हार के लिए नहीं जांचा जाना चाहिए।

Sun, 9 Nov 2025 03:04 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की तारीफ करके कई लोगों के निशाने पर आ गए हैं। थरूर द्वारा आडवाणी के जन्मदिन पर किए गए पोस्ट को लेकर लोग उनकी विचारधारा और भाजपा नेता के जीवन पर सवाल उठा रहे थे। ऐसे ही एक पोस्ट का जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनके (आडवाणी) के लंबे राजनैतिक जीवन को सिर्फ एक घटना के आधार पर नहीं जांचा जाना चाहिए। यह सही नहीं है।

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यह पूरा मामला तब शुरू हुआ, जब शशि थरूर ने लालकृष्ण आडवाणी के 98वें जन्मदिन पर उनके साथ एक तस्वीर शेयर की। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा नेता की तारीफ करते हुए लिखा, सार्वजनिक सेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता है। इसके साथ ही उनकी विनम्रता और शालीनता के साथ-साथ आधुनिक भारत कि दिशा तय करने में उनकी भूमिका अमिट है।'

कांग्रेस सांसद के इस पोस्ट पर वकील संजय हेगड़े ने टिप्पणी करते हुए लिखा, माफ कीजिएगा थरूर, इस देश में नफरत और ड्रैगन के बीज बोना (खुशवंत सिंह की किताब से लेते हुए) कोई सार्वजनिक सेवा नहीं है।' यहां पर हेगड़े आडवाणी की राम मंदिर आंदोलन में भूमिका और रथ यात्रा का जिक्र कर रहे थे, जिसे बाबरी मस्जिद विध्वंस का प्रेरक माना जाता है।

दरअसल, पत्रकार और लेखक खुशवंत सिंह ने एक कार्यक्रम में लालकृष्ण आडवाणी के सामने ही कह दिया था कि 'आडवाणी जी आपने इस देश में नफरत और ड्रैगन के बीज बोएं हैं।' इसके बाद खुशवंत सिंह ने अपनी किताब द एंड ऑफ इंडिया में भी इसी बात को लिखा था।

शशि थरूर ने हेगड़े की बात का जवाब देते हुए लिखा, "उनके(आडवाणी) पूरे सार्वजनिक जीवन को सिर्फ एक घटना तक सीमित रखना सही नहीं है। फिर चाहे वह कितनी ही महत्वपूर्ण न हो। यह सही नहीं है... नेहरू जी के पूरे कार्यकाल को केवल चीन से मिली हार पर नहीं आँका जा सकता है। और न ही इंदिरा गांधी के सार्वजनिक जीवन को आपातकाल से। अगर उनके लिए हम ऐसा नहीं करते, तो हमें आडवाणी जी के लिए भी वही शिष्टता दिखानी चाहिए।"

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak
उपेन्द्र पिछले कुछ समय से लाइव हिन्दुस्तान के साथ बतौर ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली (2023-24 बैच) से पूरी की है। इससे पहले भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से अपना ग्रैजुएशन पूरा किया। मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, राजनीति के साथ-साथ खेलों में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
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