
राहुल गांधी को बोलने से रोकने पर शशि थरूर ने क्या कहा, क्यों बताया बड़ी समस्या
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को राहुल गांधी का बचाव किया। थरूर ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। 2020 में चीन के साथ हुए टकराव पर वह जो कहना चाहते हैं, संसद में उसे सुना जाना चाहिए।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को राहुल गांधी का बचाव किया। थरूर ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। 2020 में चीन के साथ हुए टकराव पर वह जो कहना चाहते हैं, संसद में उसे सुना जाना चाहिए। संसद भवन के बाहर सीढ़ियों से गिरने के बाद शशि थरूर को हेयर लाइन फ्रैक्चर हुआ है। इसके चलते वह व्हीलचेयर पर नजर आए। राहुल गांधी को लेकर कांग्रेस सांसद ने कहा कि सबसे अहम यह है कि जिस बात का जिक्र नेता प्रतिपक्ष कर रहे हैं, वह पहले ही पब्लिक डोमेन में है। उन्होंने कहा कि यह एक मैगजीन में प्रकाशित हो चुका है। राहुल गांधी सिर्फ अपनी बात रखना चाहते हैं।
लगातार गतिरोध
थरूर ने आगे कहा कि राहुल गांधी के बोलने पर आपत्ति उठाकर, उन्हें बोलने की अनुमति न देकर एक बड़ी समस्या पैदा कर दी गई है। गौरतलब है कि राहुल गांधी 2020 में भारत-चीन विवाद पर पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की किताब का अंश लोकसभा में पढ़ना चाहते थे। इसको लेकर सत्ता पक्ष की तरफ से आपत्ति की गई। इसके बाद राहुल गांधी लोकसभा में बोल नहीं पाए। इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में लगातार गतिरोध कायम है। राज्यसभा में भी गुरुवार सुबह इसको लेकर राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और भाजपा नेताओं में बहस हुई।
राज्यसभा में भी सवाल
कांग्रेस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं देने का मुद्दा गुरुवार को राज्यसभा में उठाया जिसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक हुई, जिसके बाद कांग्रेस ने सदन से बहिर्गमन किया। सदन में विधायी दस्तावेज रखे जाने के बाद सभापति ने नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने का अवसर दिया। खरगे ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबा कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। वहीं, नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि लोकसभा की चर्चा को लेकर राज्यसभा में मुद्दा नहीं उठाया जा सकता और कांग्रेस लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देने से रोकने के बाद अब राज्यसभा में भी उसी रणनीति पर काम करते हुए प्रधानमंत्री को बोलने से रोकना चाहती है ।
रिजिजू का खरगे पर कटाक्ष
रिजिजू ने कटाक्ष करते हुए खरगे को सुझाव दिया कि वह बहुत अनुभवी और वरिष्ठ हैं। उन्हें कांग्रेस को राहुल गांधी का बंधक नहीं बनने देना चाहिए । सभापति सीपी राधाकृष्णन ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के एक वक्तव्य का हवाला देते हुए कहा कि नेहरू ने भी उस समय कहा था कि लोकसभा और राज्यसभा की चर्चा से जुड़े मुद्दों को एक-दूसरे सदन में उठाया जाना अच्छी प्रथा नहीं है। उन्होंने खरगे और अन्य सदस्यों से कहा कि वे लोकसभा के मुद्दों को इस सदन में नहीं उठा सकते । यह संसद की परंपरा के खिलाफ है। इस पर खरगे ने कहा कि संसद दोनों सदनों को मिलाकर बनती है और यदि लोकसभा में नेता विपक्ष देश हित की कोई बात उठाना चाहते हैं तो उन्हें इसकी अनुमति दी जानी चाहिए।
कांग्रेस पर सरकार के आरोप
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री भी लोकसभा में जवाब देने के लिए तैयार थे लेकिन कांग्रेस ने सदन को चलने नहीं दिया। वहीं, रिजिजू ने कहा कि राज्यसभा में तीन दिन से बहुत अच्छी चर्चा चल रही थी अचानक कांग्रेस को पता नहीं क्या सूझा जो वह अब इस सदन में लोकसभा के मुद्दे उठा रही है । उन्होंने कहा कि यह सदन प्रधानमंत्री के राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब को सुनने के लिए उत्सुक है लेकिन कांग्रेस किसी ओर एजेन्डा के तहत सदन का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।





