Hindi NewsIndia NewsShashi Tharoor attended Putin dinner Congress in anger but MP got support from the BJP
पुतिन के डिनर में गए शशि थरूर, कांग्रेस निकाल रही भड़ास; सांसद को मिला भाजपा का साथ

पुतिन के डिनर में गए शशि थरूर, कांग्रेस निकाल रही भड़ास; सांसद को मिला भाजपा का साथ

संक्षेप:

यह पहला मौका नहीं है जब शशि थरूर अपनी ही पार्टी के निशाने पर आए हों। इससे पहले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनने पर कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई थी। जानिए ताजा मामला।

Dec 06, 2025 08:47 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति भवन में आयोजित स्टेट डिनर ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर को इस भोज में न्योता मिला था, जबकि पार्टी के शीर्ष नेता मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को आमंत्रित नहीं किया गया। इस 'चुनिंदा निमंत्रण' पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर परंपराओं को तोड़ने का आरोप लगाते हुए भड़ास निकाली, वहीं भाजपा ने थरूर के फैसले का समर्थन करते हुए कांग्रेस की आपत्तियों पर सवाल उठाए हैं।

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खेमे में तीखी प्रतिक्रिया

पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के इस भोज में शामिल होने के फैसले को लेकर उन पर कटाक्ष किया और कहा कि ‘हम होते तो अंतरात्मा की आवाज’ सुनते।’ उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से नाराजगी जताते हुए कहा कि जब पार्टी के शीर्ष नेताओं को आमंत्रण नहीं मिला, तब किसी अन्य नेता को बुलाए जाने का अर्थ समझना चाहिए। उनका यह भी कहना था कि इस निमंत्रण को स्वीकार करने वाले सवालों के घेरे में आते हैं।

खेड़ा ने कहा- दोनों सदनों के नेता प्रतिपक्ष को आमंत्रित नहीं किया गया है। यह हैरानी की बात है, लेकिन इस सरकार में इससे हैरान नहीं होना चाहिए क्योंकि यह सरकार सभी प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के लिए जानी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास नहीं है। थरूर के इस भोज में शामिल होने के फैसले के बारे में पूछे जाने पर खेड़ा ने कहा- आप उनसे पूछिए। हम होते तो अपनी अंतररात्मा की आवाज जरूर सुनते। जिस तरह से यह आमंत्रण दिया गया है वो सवालों के घेरे में आता है और जो निमंत्रण को स्वीकार कर रहा है वो भी सवाल के घेरे में आता है।

थरूर को भाजपा का साथ

भाजपा ने कांग्रेस की आलोचना को खारिज करते हुए थरूर का बचाव किया। दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा- पता नहीं कांग्रेस के सोचने का क्या तरीका है। सरकार अक्सर विभिन्न दलों के विशेषज्ञों को कूटनीतिक प्रयासों में शामिल करती है। मनोज तिवारी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे अभियानों का उदाहरण देते हुए कहा कि अंतर-पार्टी सहयोग आम बात है। उन्होंने कहा, 'दूसरी पार्टियों के सदस्यों समेत कई अनुभवी सदस्यों ने सरकार की विदेश नीति को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। शशि थरूर उनमें से एक हैं। मुझे समझ नहीं आता कि कांग्रेस लीडरशिप को इससे क्या दिक्कत है।'

राहुल गांधी की नाराजगी और सरकार का जवाब

यह विवाद ऐसे वक्त उभरा है जब एक दिन पहले ही राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि वह परंपरा तोड़ते हुए विपक्षी नेताओं को विदेशी प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात के लिए आमंत्रित नहीं कर रही। सरकारी सूत्रों ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद से राहुल गांधी कम से कम चार विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से मिल चुके हैं, जिनमें तत्कालीन बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना भी शामिल हैं।

जयराम रमेश ने पुष्टि की- राहुल और खड़गे को नहीं मिला निमंत्रण

कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक्स पर यह पुष्टि की थी कि न तो राहुल गांधी और न ही मल्लिकार्जुन खरगे को राष्ट्रपति भवन के इस रात्रिभोज के लिए बुलाया गया।

थरूर को लेकर साल भर विवाद

यह पहला मौका नहीं है जब शशि थरूर अपनी ही पार्टी के निशाने पर आए हों। इससे पहले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनने पर कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई थी। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लॉर्ड मैकॉले’ पर दिए भाषण में शामिल होने और उसके बाद उनकी प्रशंसा करने से भी पार्टी के भीतर असहजता उत्पन्न हुई थी।

Amit Kumar

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अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें
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