महिला आरक्षण के साथ परिसीमन को जोड़ना राजनीतिक नोटबंदी, थरूर ने सरकार को खूब सुनाया

Apr 16, 2026 10:49 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
share

तिरुवनंतपुरम के लोकसभा सदस्य थरूर ने कहा कि मैं सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि हमें महिला आरक्षण से कोई समस्या नहीं है, वे (सरकार के लोग) इसे तुरंत कर सकते हैं, लेकिन परिसीमन को क्यों शामिल किया जा रहा है?

महिला आरक्षण के साथ परिसीमन को जोड़ना राजनीतिक नोटबंदी, थरूर ने सरकार को खूब सुनाया

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने को लेकर गुरुवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि विपक्ष राजनीतिक नोटबंदी को सफल नहीं होने देगा। संसद भवन परिसर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए थरूर ने कहा कि सरकार महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग करके तुरंत लागू कर सकती है और विपक्ष इस कदम का समर्थन करेगा।

तिरुवनंतपुरम के लोकसभा सदस्य थरूर ने कहा, ''मैं सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि हमें महिला आरक्षण से कोई समस्या नहीं है, वे (सरकार के लोग) इसे तुरंत कर सकते हैं, लेकिन परिसीमन को क्यों शामिल किया जा रहा है? यह हमारा सवाल है, क्योंकि परिसीमन से संबंधित कई मुद्दे हैं, उनपर लंबी चर्चा की आवश्यकता है। वे दो-तीन दिनों में ही इसे पूरा करना चाहते हैं, यह संभव नहीं है।'' उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों के पास बड़े सवाल हैं जिनका जवाब देने की जरूरत है।

थरूर ने कहा, ''अगर सरकार यह महिला आरक्षण लागू करना चाहती, तो वह इसे 2023 में कर सकती थी। उसे अभी लागू करना चाहिए, हम समर्थन करेंगे, लेकिन कोई परिसीमन नहीं, सिर्फ महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन होगा।'' उन्होंने कहा, ''जिस तरह से आप परिसीमन कर रहे हैं, उसी तरह से आपने बिना सोचे समझे नोटबंदी की थी हम यह राजनीतिक नोटबंदी नहीं चाहते हैं।''

इससे पहले, थरूर ने मंगलवार को लोकसभा में "घटती आनुपातिकता" का सुझाव दिया, ताकि जनसंख्या और राज्यों के साथ न्याय के बीच संतुलन बनाया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की कि जल्दबाज़ी में परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी राजनीतिक दलों और राज्यों के साथ व्यापक परामर्श किया जाए, ताकि "मूलभूत मुद्दे अनसुलझे" न रह जाएं। तिरुवनंतपुरम के सांसद ने कहा कि अगर छोटे राज्यों को यह महसूस होता है कि उनकी समृद्धि और मानव विकास को सापेक्ष मताधिकार से वंचित करके दंडित किया जा रहा है, तो यह देश के संघवाद के लिए खतरनाक होगा।

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
परिचय, अनुभव एवं शिक्षा
वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

मीडिया में अवॉर्ड्स.
मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत एक दर्जन से ज्यादा पुरस्कार जीते हैं।

विशेषज्ञता
देश-विदेश की राजनीति पर गहरी पकड़
यूपी-बिहार समेत सभी राज्यों की खबरों को कवर करने का व्यापक अनुभव
विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव, संसद की कार्यवाही को लंबे समय से कवर किया
ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज, एनालिसिस स्टोरीज, एशिया, मिडिल ईस्ट, पश्चिमी देशों की खबरों को कवर करने का एक दशक से ज्यादा का एक्सपीरियंस

और पढ़ें