भारत की छवि दांव पर है, केंद्र सरकार के किस फैसले पर ऐसा बोले शशि थरूर?

Dec 17, 2025 10:32 pm ISTMadan Tiwari एएनआई, नई दिल्ली
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केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने केरल फिल्म फेस्टिवल में कई फिल्मों की स्क्रीनिंग की इजाजत देने से मना कर दिया था, जिससे तिरुवनंतपुरम में कई स्क्रीनिंग रद्द हो गई। मीडिया से बात करते हुए शशि थरूर ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।

भारत की छवि दांव पर है, केंद्र सरकार के किस फैसले पर ऐसा बोले शशि थरूर?

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केरल के चल रहे 12वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (IFFK) से जुड़े विवाद को एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया है। केंद्र सरकार के केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कई फिल्मों की स्क्रीनिंग की इजाजत देने से मना कर दिया था, जिससे तिरुवनंतपुरम में कई स्क्रीनिंग रद्द हो गई।

मीडिया से बात करते हुए थरूर ने कहा, "यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हमारे यहां सिनेमाई संस्कृति का सम्मान करने की बहुत अच्छी परंपरा है। हमारे यहां गोवा और केरल में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल हुए हैं। अभी, यह सात फिल्मों की लिस्ट तक सीमित हो गया है। लेकिन किसी भी फिल्म को रोका नहीं जाना चाहिए... पहले जिन फिल्मों पर बैन लगाया गया था या जिन्हें क्लियरेंस देने से रोका गया था, वे हास्यास्पद थीं... हमारे नौकरशाहों को और ज्यादा समझदारी दिखानी होगी क्योंकि इससे भारत की छवि दांव पर लगी है।"

इससे पहले एक ट्वीट में, कांग्रेस सांसद ने लिखा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि तिरुवनंतपुरम में केरल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाने वाली 19 फिल्मों को केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी न दिए जाने पर एक अजीब विवाद खड़ा हो गया है।" केरल सरकार ने भी तय फिल्मों की स्क्रीनिंग की अनुमति न देने के केंद्र सरकार के फैसले को अस्वीकार्य बताया।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने लिखा, "केरल के 30वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाने वाली फिल्मों को स्क्रीनिंग की अनुमति न देने का केंद्र सरकार का फैसला अस्वीकार्य है।" राज्य सरकार ने IFFK 2025 में फिल्मों की स्क्रीनिंग पर बैन को देश में विरोध की आवाजों और अलग-अलग क्रिएटिव अभिव्यक्तियों का उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा, "फिल्म फेस्टिवल में लगाई गई सेंसरशिप संघ परिवार सरकार के तानाशाही शासन का एक स्पष्ट उदाहरण है, जो देश में विरोध की आवाजों और अलग-अलग क्रिएटिव अभिव्यक्तियों को दबाना चाहता है। जागरूक केरल सेंसरशिप के ऐसे कामों के आगे नहीं झुकेगा। जिन सभी फिल्मों को स्क्रीनिंग की अनुमति नहीं दी गई थी, उन्हें फेस्टिवल में दिखाया जाएगा।"

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लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी को मीडिया में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।


यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं। मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत कई पुरस्कार जीते हैं।

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