Hindi NewsIndia NewsShashi Tharoor After PM Modi Gift Bhagwat Gita says not an Attempt to Convert Mr Putin to Hinduism
यह पुतिन को हिंदू बनाने की कोशिश नहीं, पीएम मोदी के भगवद गीता गिफ्ट करने पर बोले शशि थरूर

यह पुतिन को हिंदू बनाने की कोशिश नहीं, पीएम मोदी के भगवद गीता गिफ्ट करने पर बोले शशि थरूर

संक्षेप:

शशि थरूर ने पुतिन को भगवद गीता दिए जाने पर कहा कि इसे रूसी भाषा में देने का मतलब सिविलाइजेशनल और स्पिरिचुअल हेरिटेज से सीखे गए कुछ जरूरी सबक दूसरे कल्चर को बताना है। मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता। यह पुतिन को हिंदू बनाने की कोशिश नहीं है।

Dec 06, 2025 10:56 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, बेंगलुरु
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत दौरे पर आए, जहां दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर मुहर लगी। पुतिन को पीएम मोदी ने रूसी भाषा में लिखी गीता समेत कई अन्य चीजें गिफ्ट कीं। भगवद गीता गिफ्ट करने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि इसे देकर पुतिन को हिंदू बनाने की कोशिश नहीं हुई है, बस यह इसलिए दिया गया ताकि वह इसे अपनी भाषा में समझ सकें।

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पीएम मोदी के पुतिन को भगवद गीता गिफ्ट करने और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के स्कूल एजुकेशन में भगवद गीता को शामिल करने के ट्वीट पर, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, "जब मैंने 1989 में 'द ग्रेट इंडियन' नॉवेल पब्लिश किया था, जो महाभारत का एक सटायरिकल रीटेलिंग था, तो मैंने पहले ही यह बात कही थी कि क्योंकि हम इंग्लिश मीडियम में पढ़ रहे हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि हमें अपने एपिक्स नहीं जानने चाहिए। मुझे लगता है कि स्कूल के दिनों में महाभारत, रामायण वगैरह पढ़ने में कोई प्रॉब्लम नहीं है, और गीता हमारी पुरानी सिविलाइजेशन और हिस्ट्री का बहुत बड़ा हिस्सा है।''

उन्होंने पुतिन को भगवद गीता देने पर आगे कहा, ''इसे रशियन में देने का मतलब है कि हम अपनी सिविलाइजेशनल और स्पिरिचुअल हेरिटेज से सीखे गए कुछ जरूरी सबक दूसरी कल्चर को बताना। मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता। यह पुतिन को हिंदू धर्म में बनाने की कोशिश नहीं है। यह बस उन्हें कुछ ऐसा दिखाने का एक तरीका है जिसे वह अपनी भाषा में समझ सकें। यह एक अच्छा जेस्चर है क्योंकि यह दिखाता है कि हम क्या हैं।'' बता दें कि पुतिन के सम्मान में शुक्रवार शाम को राष्ट्रपति भवन में डिनर का आयोजन किया गया था। इसमें शशि थरूर को भी न्योता दिया गया था, जबकि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को आमंत्रण नहीं मिला था। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद थरूर ने कहा था कि वहां का माहौल बहुत अच्छा था।

थरूर ने शनिवार को वहां के माहौल को गर्मजोशी भरा और दिलचस्प बताया, और कहा कि उन्हें वहां मौजूद कई लोगों के साथ बातचीत में मजा आया। थरूर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "कल रात प्रेसिडेंट पुतिन के लिए राष्ट्रपति भवन के डिनर में शामिल हुआ। माहौल बहुत अच्छा और दिल को छू लेने वाला था। वहां मौजूद कई लोगों, खासकर रूसी डेलीगेशन के मेरे साथ खाने पर आए लोगों के साथ बातचीत में मजा आया।'' कांग्रेस ने शुक्रवार को बताया कि विपक्ष के नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को दावत में नहीं बुलाया गया था, और थरूर के न्योता स्वीकार करने पर उन पर तंज कसा। पार्टी के मीडिया और पब्लिसिटी डिपार्टमेंट के हेड पवन खेड़ा ने सरकार पर रोजाना प्रोटोकॉल तोड़ने और डेमोक्रेटिक सिद्धांतों में विश्वास न करने का आरोप लगाया।

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।

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