40% नेता क्रिमिनल बैकग्राउंड के हैं, NCERT बुक में ज्यूडिशियरी में करप्शन वाले चैप्टर पर भड़के एडवोकेट

Feb 25, 2026 04:06 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
share

सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा कि ठीक है, जहां तक आर्टिकल की बात है, मुझे लगता है कि यह चौंकाने वाला है कि एनसीईआरटी ने टेक्स्टबुक में ऐसा कुछ शामिल किया है। टेक्स्टबुक बच्चों को हमारे समाज के बारे में सिखाने के लिए होती हैं।

एनसीईआरटी की आठवीं क्लास की किताब में ज्यूडिशियरी में भ्रष्टाचार वाले चैप्टर पर विवाद छिड़ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस मामले में काफी नाराजगी दिखाई, जिसके बाद सरकारी सूत्रों ने कहा है कि यह किताब से यह पोर्शन हटा दिया जाएगा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वकील भी काफी नाराज हैं। सीनियर एडवोकेट और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने नेताओं पर हमला बोल दिया है। उन्होंने दावा किया कि 40 फीसदी नेता क्रिमिनल बैकग्राउंड के हैं, तो ऐसे में इस बारे में सिखाना चाहिए।

न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए, सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा, "ठीक है, जहां तक आर्टिकल की बात है, मुझे लगता है कि यह चौंकाने वाला है कि एनसीईआरटी ने टेक्स्टबुक में ऐसा कुछ शामिल किया है। टेक्स्टबुक बच्चों को हमारे समाज के बारे में सिखाने के लिए होती हैं। अगर वे सच में सिखाना चाहते हैं, तो उन्हें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि लगभग 40 फीसदी नेताओं का क्रिमिनल बैकग्राउंड है। यह कुछ ऐसा है जिसकी हमने आजादी मिलने पर बिल्कुल उम्मीद नहीं की थी, कि जो लोग इस देश पर राज करेंगे, वे कानून तोड़ने वाले हो सकते हैं, जो आखिर में कानून बनाने वाले बनेंगे। लेकिन ज्यूडिशियरी में करप्शन के बारे में बात करना, मुझे लगता है, सच में इंस्टीट्यूशन को कमजोर करता है।''

'जिम्मेदार पर कंटेम्प्ट नोटिस जारी करना चाहिए'

उन्होंने आगे कहा कि करप्शन हर जगह है, लेकिन मैं आपको यकीन दिला सकता हूं कि ज्यूडिशियरी में करप्शन एग्जीक्यूटिव या पॉलिटिक्स से कहीं, कहीं कम है। इसलिए मुझे यह बिल्कुल साफ नहीं है कि इस चैप्टर को शामिल करने का मकसद क्या था। लेकिन मुझे यकीन है कि जस्टिस सूर्यकांत को एनसीईआरटी के उन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, जिन्होंने इसे शामिल करने का फैसला किया, और उन्हें कंटेम्प्ट नोटिस जारी करना चाहिए, जिसमें पूछा जाए कि उन्हें क्रिमिनल कंटेम्प्ट के लिए जिम्मेदार क्यों न ठहराया जाए।"

'बच्चों को ज्यूडिशियरी में भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ाया जा रहा'

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की आठवीं कक्षा की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार विषय से संबंधित सामग्री का स्वतः संज्ञान लिया और इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने यह दलील दी कि कक्षा आठ के बच्चों को न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ाया जाता है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है।

'संस्था को बदनाम करने की अनुमति नहीं दूंगा'

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ''मैं किसी को भी संस्था को बदनाम करने की अनुमति नहीं दूंगा। कानून अपना काम करेगा।'' उन्होंने कहा, ''संस्था के प्रमुख के रूप में मैंने अपना कर्तव्य निभाया है और संज्ञान लिया है... यह एक सोचा-समझा कदम प्रतीत होता है। मैं ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा।'' न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि यह पुस्तक संविधान की मूल संरचना के विरुद्ध प्रतीत होती है। सीजेआई ने कहा, ''कृपया कुछ दिनों तक प्रतीक्षा करें। अधिवक्ता और न्यायाधीश सभी परेशान हैं। सभी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश परेशान हैं। मैं इस मामले को स्वतः संज्ञान के तहत लूंगा। मैं किसी को भी संस्था को बदनाम करने की अनुमति नहीं दूंगा। कानून अपना काम करेगा।'' बाद में न्यायमूर्ति कांत ने कहा कि शीर्ष अदालत ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

शॉर्ट बायो: लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।

परिचय, अनुभव एवं शिक्षा
वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

मीडिया में अवॉर्ड्स.
मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत एक दर्जन से ज्यादा पुरस्कार जीते हैं।

विशेषज्ञता
देश-विदेश की राजनीति पर गहरी पकड़
यूपी-बिहार समेत सभी राज्यों की खबरों को कवर करने का व्यापक अनुभव
विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव, संसद की कार्यवाही को लंबे समय से कवर किया
ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज, एनालिसिस स्टोरीज, एशिया, मिडिल ईस्ट, पश्चिमी देशों की खबरों को कवर करने का एक दशक से ज्यादा का एक्सपीरियंस

और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।