Hindi NewsIndia Newssc to centre track if any nationwide network is behind children going missing
बच्चों के गायब होने के पीछे देश भर में कोई नेटवर्क तो नहीं, इसका पता लगाए सरकार: सुप्रीम कोर्ट

बच्चों के गायब होने के पीछे देश भर में कोई नेटवर्क तो नहीं, इसका पता लगाए सरकार: सुप्रीम कोर्ट

संक्षेप:

जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्ल भुइयां की बेंच ने कहा कि यह पता लगाने की जरूरत है कि ऐसी घटनाओं के पीछे कोई एक ही पैटर्न है या फिर ऐसी घटनाओं में आपस में कोई संबंध नहीं है। अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि वह ऐसी घटनाओं का सभी राज्यों से ब्योरा जुटाए।

Feb 10, 2026 04:11 pm ISTSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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बच्चों के लापता होने की खबरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह पता करे कि इसके पीछे कोई देशव्यापी नेटवर्क तो नहीं है। अदालत ने कहा कि आप देखें कि क्या पूरे देश में ऐसा कोई नेटवर्क है या फिर किसी राज्य में ही स्टेट लेवल पर ऐसा चल रहा है। बीते कुछ दिनों में बच्चों के गायब होने की खबरें काफी ज्यादा देखी गई थीं। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्ल भुइयां ने कहा कि यह पता लगाने की जरूरत है कि ऐसी घटनाओं के पीछे कोई एक ही पैटर्न है या फिर ऐसी घटनाओं में आपस में कोई संबंध नहीं है। अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि वह ऐसी घटनाओं का सभी राज्यों से ब्योरा जुटाए।

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इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से अडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्य भाटी मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों की ओर बच्चों के लापता होने का डेटा दिया गया है। ऐसे मामलों में चल रहे मुकदमों का स्टेटस भी मिला है, लेकिन अब भी करीब एक दर्जन ऐसे राज्य हैं, जहां से जानकारी नहीं मिल पाई है। ऐश्वर्या ने कहा कि केंद्र सरकार को पूरा डेटा मिलने के बाद ही उसका विश्लेषण किया जा सकता है। इस पर बेंच ने भाटी से कहा, 'हम यह जानना चाहते हैं कि इसके पीछे कोई राष्ट्रव्यापी नेटवर्क है या फिर राज्य स्तर पर ही ऐसा कुछ हो रहा है। यह कोई पैटर्न है या फिर इन घटनाओं में कोई आपसी ताल्लुक नहीं है।'

अदालत ने किन बच्चों के इंटरव्यू लेने का दिया आदेश

बेंच ने सरकार को यह सुझाव भी दिया कि जिन लोगों को किडनैपिंग से बचाया गया है। उनके इंटरव्यू करने चाहिए। इससे कुछ अंदाजा लग सकेगा कि आखिर ऐसी घटनाओं को कौन अंजाम दे रहा है। इसके अलावा बेंच ने ऐसे राज्यों के रवैये पर भी आपत्ति जताई, जिन्होंने डेटा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि जरूरी हुआ तो हम इस मामले में कोई सख्त आदेश भी जारी करेंगे। इस पर केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि हमने प्रयास शुरू कर दिए हैं। सभी राज्यों से डेटा की डिमांड की गई है। दरअसल इस मामले में एक एनजीओ की ओर से याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह आदेश दिया है।

'क्या है 8 मिनट में एक बच्चे के गायब होने वाली जानकारी'

दरअसल अदालत ने 9 दिसंबर को ही केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि वह बीते 6 सालों का देश भर का डेटा जुटाए। इससे पता चल सकेगा कि कितने बच्चे कहां से कब किडनैप हुए हैं। होम मिनिस्ट्री को उसने आदेश दिया था कि देश भर का डेटा कंपाइल किया जाए। इसके अलावा अदालत का यह भी कहना था कि पूरे डेटा को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए। दरअसल बीते साल 18 नवंबर को एक रिपोर्ट आई थी। इसमें कहा गया था कि हर 8 मिनट पर देश में एक बच्चा गायब हो जाता है और यह गंभीर मसला है। इस पर अदालत ने कहा था कि इस मामले की जटिलता को देखते हुए सरकार डेटा जुटाए और फिर सही मेकेनिज्म तैयार किया जाए ताकि ऐसे मामलों से अच्छे से निपटा जा सके।

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Surya Prakash

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