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आपने भगवान को भी नहीं छोड़ा; सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी मामले पर SC का सख्त रुख

आपने भगवान को भी नहीं छोड़ा; सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी मामले पर SC का सख्त रुख

संक्षेप:

केरल के सबरीमाला अयप्पा मंदिर में सोने की चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में केरल हाईकोर्ट की तरफ से की गई टिप्पणियों को हटवाने के लिए आई एक याचिका पर कोर्ट ने कहा कि कोई भी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

Jan 05, 2026 07:14 pm ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। मंदिर के पूर्व ट्रस्ट के सदस्य पी. शंकरदास की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने भगवान को भी नहीं छोड़ा। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते।

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शंकरदास ने केरल हाई कोर्ट की एकल पीठ के फैसले में से पांच पैराग्राफ हटवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। दरअसल, इन पैराग्राफ में हाई कोर्ट ने साफ किया था कि शंकरदास और तत्कालीन देवस्वोम बोर्ड के एक अन्य सदस्य विजयकुमार पर सबरीमाला मंदिर में सोने की लूट की जिम्मेदारी बनती है। ऐसे में इन्हें इससे अलग नहीं किया जा सकता। कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ शंकरदास सुप्रीम कोर्ट आ गए थे।

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एस सी शर्मा ने इस पर सुनवाई करते हए कहा कि शंकरदास ने भी देवस्वोम बोर्ड की बैठक की कार्यवाही पर हस्ताक्षर किए थे, ऐसे में वह जवाबदेही से नहीं बच सकते।

शंकरदास की अपील

केरल हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने की याचिका को लेकर शंकरदास ने कहा कि हाई कोर्ट ने उनके पक्ष को सुने बिना ही टिप्पणी कर दी थी। उन्होंने अपनी उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए राहत की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि बोर्ड के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक जिम्मेदारी टिप्पणियों को भी हटाया जाए क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो रही है।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इन दलीलों को मानने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि शंकरदास अगर चाहें तो इसके लिए केरल हाई कोर्ट का रुख कर सकते हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दखल नहीं देगा। अगर वह अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करते हैं, तो उस पर विचार किया जा सकता है।

क्या है पूरा मामला?

केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला अयप्पा मंदिर में चढ़ावे में आए सोने की वस्तुओं और जेवरात के गायब होने का मामला है। इस मंदिर का प्रबंधन करने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के तत्कालीन सदस्यों के ऊपर लापरवाही बरतने के आरोप लग रहे हैं। मुख्यतः आरोप यह हैं कि या तो इन स्वर्ण आभूषणों की सुरक्षा में चूक हुई है, या फिर इन्हें जानबूझकर गायब किया गया है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि बोर्ड के सदस्यों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सही से नहीं किया। फिलहाल यह मामला कोर्ट में है।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak
उपेन्द्र पिछले कुछ समय से लाइव हिन्दुस्तान के साथ बतौर ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली (2023-24 बैच) से पूरी की है। इससे पहले भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से अपना ग्रैजुएशन पूरा किया। मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, राजनीति के साथ-साथ खेलों में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
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