मनन मिश्रा की ‘मनमानी’ पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, BCI पर दे दिया बड़ा आदेश

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली।
Follow us on Google News
share

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बीसीआई के पुनर्गठन के मुद्दे पर विचार सभी राज्य बार काउंसिलें के चुनाव संपन्न होने और उनके प्रतिनिधियों के चुने जाने के बाद ही किया जाएगा। तब तक वर्तमान पदाधिकारी केवल नियमित कामकाज देखेंगे।

CJI Suryakant Manan Mishra
BCI में मनन मिश्रा के पावर पर CJI ने चलाई कैंची।

देश में वकीलों की सर्वोच्च संस्था बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की कार्यप्रणाली को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की अगुवाई वाली परिषद अब कोई भी नीतिगत निर्णय अकेले नहीं ले सकती है। ऐसे सभी निर्णयों में भारत के अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल की सक्रिय भागीदारी और सहमति अनिवार्य होगी।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत (CJI Surya Kant), न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए बीसीआई के वकील गुरु कृष्णकुमार से कहा कि मनन कुमार मिश्रा वर्तमान में एक लोकतांत्रिक रूप से चुने गए स्थायी अध्यक्ष नहीं, बल्कि एक कार्यवाहक अध्यक्ष की भांति हैं। उनका कार्यकाल राज्य बार काउंसिलों के नए चुनावों और नई बीसीआई के गठन तक ही सीमित है। ऐसे में उन्हें केवल बीसीआई के दैनिक और प्रशासनिक कार्यों को संभालने का अधिकार है न कि कोई बड़े नीतिगत फैसले लेने का।

सुप्रीम कोर्ट में यह आदेश उन याचिकाओं पर आया है जिनमें मनन कुमार मिश्रा को बीसीआई अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि बिहार से भाजपा के राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा वर्ष 2012 से लगातार इस पद पर काबिज हैं और अवैध तरीके से एक दशक से अधिक समय से इसे संभाल रहे हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बीसीआई द्वारा गठित पर्ल फर्स्ट नामक एक नए ट्रस्ट के कामकाज पर भी गंभीर आरोप लगाए।

आरोप है कि इस ट्रस्ट में मनन कुमार मिश्रा और कई अन्य लोग व्यक्तिगत क्षमता में लाइफ मैनेजिंग ट्रस्टी बने हुए हैं। याचिकाकर्ताओं ने गोवा स्थित अंतरराष्ट्रीय कानूनी शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय का संचालन करने वाले इस ट्रस्ट की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

बीसीआई के गठन के लिए समय-सीमा तय

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बीसीआई के पुनर्गठन के मुद्दे पर विचार सभी राज्य बार काउंसिलें के चुनाव संपन्न होने और उनके प्रतिनिधियों के चुने जाने के बाद ही किया जाएगा। तब तक वर्तमान पदाधिकारी केवल नियमित कामकाज देखेंगे। देश के विभिन्न राज्यों के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से अनुरोध किया गया है कि वे दो सप्ताह के भीतर राज्य बार काउंसिलें में दो महिला सदस्यों के मनोनयन की प्रक्रिया पूरी करें। यह प्रक्रिया पूरी होने के एक सप्ताह के भीतर राज्य बार काउंसिलें को अपनी नई संरचना अधिसूचित करनी होगी।

अधिसूचना जारी होने के तीन सप्ताह के भीतर नवगठित राज्य बार काउंसिलों को अपने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और बीसीआई के लिए अपने एक प्रतिनिधि का चुनाव करना होगा। शीर्ष अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर तय की है, जिसमें राज्य बार काउंसिलें के गठन और निर्देशों के पालन की समीक्षा की जाएगी।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsमनन मिश्रा की ‘मनमानी’ पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, BCI पर दे दिया बड़ा आदेश