
संविधान, लोकतंत्र को बचा लीजिए, CJI सूर्यकांत के सामने ही गुहार लगने लगीं ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जलपाईगुड़ी में सर्किट बेंच के उद्घाटन के मौके पर सीजेआई सूर्यकांत के सामने ही उसे संविधान, लोकतंत्र और न्यायपालिका को बचाने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि मीडिया ट्रायल पर भी रोक लगाने की जरूरत है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने CJI सूर्यकांत से देश के संविधान, लोकतंत्र और न्यायपालिका की रक्षा करने का शनिवार को आग्रह किया। कलकत्ता हाई कोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच के भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में बनर्जी ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत से देश के लोगों को ‘‘एजेंसियों’’ द्वारा गलत तरीके से निशाना बनाये जाने से बचाने का भी आह्वान किया।
कार्यक्रम में मौजूद थे सीजेआई
बिना विस्तृत जानकारी दिए उन्होंने कहा, ‘कृपया देश के संविधान, लोकतंत्र, न्यायपालिका, इतिहास और भूगोल को विनाश से बचाएं।’ बनर्जी ने कहा, ‘‘आप (प्रधान न्यायाधीश) हमारे संविधान के संरक्षक हैं, हम आपके कानूनी संरक्षण में हैं। कृपया जनता की रक्षा करें।’’ न्यायमूर्ति सूर्यकांत भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
मीडिया ट्रायल को रोकना होगा
बनर्जी ने कहा, ‘आजकल मामलों के निपटारे से पहले ही ‘मीडिया ट्रायल’ का चलन है; इसे भी रोकना होगा।’ एक जनसभा के बाद अपने व्हाट्सएप चैनल पर एक पोस्ट में, श्री बनर्जी ने पश्चिम मेदिनीपुर को एक ऐसी भूमि के रूप में चित्रित किया जिसने औपनिवेशिक विरोधी संघर्ष से लेकर 2011 के राजनीतिक उथल-पुथल तक बार-बार दमन के खिलाफ आवाज उठायी है। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में टीएमसी ने पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे के 34 साल के शासन को समाप्त किया था।
उन्होंने पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के लंबे राजनीतिक प्रतिरोध के इतिहास का भी इस मौके पर जिक्र किया। बनर्जी ने लिखा, "अविभाजित मेदिनीपुर की धरती ने ब्रिटिश साम्राज्य की कठोर पकड़ को चुनौती देते हुए अत्याचार, शोषण और अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध की गर्जना की थी। उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए, पश्चिम मेदिनीपुर के लोग 2011 में लोकतंत्र की बहाली के लिए अग्रणी भूमिका में खड़े हुए।"
राणा संकल्प सभा में भारी जनसमूह की उपस्थिति का जिक्र करते हुए, तृणमूल नेता ने जोर देकर कहा कि यह भीड़ जनता के उस संकल्प को दर्शाती है जो विभाजन और भेदभाव की उन ताकतों को हराना चाहती है, जिन्हें उन्होंने 'बंगाल-विरोधी विभाजनकारी ताकतें' बताया।

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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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