सत्य निकेतन हादसे के बाद बड़ा ऐक्शन, निगम उपायुक्त समेत 5 पर गिरी गाज; खाली हो रहीं इमारतें
सत्य निकेतन में पीजी की बिल्डिंग गिरने के बाद इसके मालिक हरीराम को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उनकी पत्नी और बेटे को भी हिरासत में लिया गया है। निगम उपायुक्त समेत पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है।

सत्य निकेतन हादसे में पुलिस ने सोमवार को इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता को भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने हरिराम और उसकी पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जबकि बेटे महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। पीजी की इमारत गिरने से मौतों की संख्या बढ़कर सात हो गई। हादसे के बाद सुस्त सिस्टम भी सक्रिय हुआ और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर निगम उपायुक्त समेत पांच जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। वहीं, पीजी और कोचिंग संस्थानों वाले इलाकों का ऑडिट कराने का फैसला किया गया है।
दोषी अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यदि जांच में कोई अन्य अधिकारी भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम के साथ मिलकर पीजी और नर्सिंग होम के लिए ऐसी नीति बनाई जाएगी, जिससे इन भवनों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। फिलहाल प्रभावित छात्रों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था सरकार की ओर से की गई है।
असुरक्षित इमारतें खाली कराई गईं
मुख्यमंत्री ने हादसे में गिरी इमारत से सटे असुरक्षित मकान को भी गिराने के आदेश दिए हैं। अधिकतर मकानों को रविवार को ही खाली करा लिया गया था। कुछ मकान सोमवार को भी खाली कराए गए। इसके बाद काफी संख्या में इनमें रह रहे विद्यार्थियों को अपने स्थानीय अभिभावकों और दोस्तों के पास शिफ्ट होना पड़ा।
तय समय में पूरी होगी ऑडिट प्रक्रिया
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को शहरी विकास मंत्री आशीष सूद और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। सूद ने बताया कि दिल्ली के उन इलाकों का ऑडिट कराया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में पीजी और कोचिंग संस्थान चल रहे हैं। यह प्रक्रिया तय समय में पूरी की जाएगी, ताकि छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो। बैठक में कॉलेजों में छात्रावास बनाने पर भी चर्चा हुई। दिल्ली सरकार इस दिशा में काम करेगी। डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने भी काॅलेज प्राचार्यों की बैठक कर उनसे अपने-अपने कॉलेज में छात्रावास बनाने की दिशा में काम करने को कहा।
तीन घायलों की हालत गंभीर
दूसरी ओर सत्य निकेतन हादसे में मृतकों की संख्या सोमवार को बढ़कर सात हो गई। इनमें पांच छात्र और एक मजदूर शामिल हैं, जबकि एक शव की पहचान अभी नहीं हो सकी है। हादसे में पांच लोग घायल हुए थे, जिनमें चार का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई है। वहीं, करीब 26 घंटे बाद राहत एवं बचाव अभियान सोमवार शाम समाप्त कर दिया गया। मलबा हटाने के बाद अभियान स्थल की पूरी तरह तलाशी ली गई। अभियान के तहत 12 लोगों को मलबे से बचाया गया।
अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता को हरियाणा के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसके बेटे महेश गुप्ता और पत्नी उर्मिला गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया। शाम में पुलिस ने सभी को साकेत कोर्ट परिसर में जज के आवास पर पेश किया। इससे पहले सोमवार सुबह दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने पूरे मामले की खुद समीक्षा की। पुलिस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय करने में जुटी है। साथ ही इमारत को पीजी के रूप में लीज पर लेने वाली कंपनी हॉस्टल डेज के मालिकों और कर्मचारियों की तलाश में भी छापे मार रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों को भी पूछताछ में शामिल करने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा।


