
इन भारतीय बाबा के भक्त हैं निकोलस मादुरो, राष्ट्रपति दफ्तर में लगाई है बड़ी तस्वीर
निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित जिस जेल में रखा गया है, वह लंबे समय से गंभीर अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रही है। हालात ऐसे रहे हैं कि कुछ न्यायाधीशों ने वहां आरोपियों को भेजने से इनकार किया है।
वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अमेरिका की कैद में हैं। इस बीच उनकी भारत कनेक्शन भी सामने आया है। खबर है कि वह भारत के सत्य साईं बाबा के बड़े भक्त हैं। इसकी वजह उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस बताई जा रहीं हैं। अमेरिका ने मादुरो के अलावा सिलिया के खिलाफ भी ऐक्शन लिया है। फिलहाल, वेनेजुएला की कमान कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज के हाथों में है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्लोरेस साल 2005 में शादी से पहले मादुरो को भारत लेकर आईं थीं। यह यात्रा दोनों की शादी के पहले हुई थी। उस दौरन वह पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज की वकील के तौर पर काम कर रहीं थीं। वहीं, मादुरो सदन में स्पीकर थे। इसके बाद जब मादुरो विदेश मंत्री बने, तो फ्लोरेस ने स्पीकर का पद संभाला था।
सोशल मीडिया पर दोनों की कुछ तस्वीरें भी सामने आईं हैं, जिनमें वह सत्य साईं बाबा के कदमों में बैठे नजर आ रहे हैं। खबर है कि कारकास में राष्ट्रपति भवन में मादुरो के निजी दफ्तर में भी सत्य साईं बाबा की बड़ी तस्वीर लगी हुई है। साल 2011 में सत्य साईं बाबा का निधन हो गया था। तब वह मादुरो विदेश मंत्री थे। उन्होंने नेशनल असेंबली में एक आधिकारिक शोक प्रस्ताव पारित कराया था।
बीते साल 23 नवंबर को मादुरो ने एक बयान जारी किया था, जिसमें सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी वर्ष के उत्सव की बात कही गई थी। कहा जाता है कि मादुरो के कार्यकाल में सत्य साईं संगठन काफी तेजी से बढ़ा है।
अमेरिका की कैद में मादुरो
मादुरो को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित जिस जेल में रखा गया है, वह लंबे समय से गंभीर अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रही है। हालात ऐसे रहे हैं कि कुछ न्यायाधीशों ने वहां आरोपियों को भेजने से इनकार किया है। हालांकि इस जेल में संगीतकार आर. केली और सीन ‘डिडी’ कॉम्ब्स जैसे चर्चित कैदी भी रह चुके हैं। एमडीसी ब्रुकलिन में बंद होने वाले मादुरो पहले राष्ट्रपति नहीं हैं। होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति जुआन ऑरलैंडो हर्नांडेज को भी यहां रखा गया था।
ब्रुकलिन में 1990 के शुरुआती वर्षों में शुरू हुए मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (एमडीसी) फिलहाल करीब 1,300 कैदी बंद हैं। यह मैनहैटन और ब्रुकलिन की संघीय अदालतों में मुकदमे का सामना कर रहे आरोपियों के लिए आम तौर पर पहली जेल होती है, जहां कथित गिरोह सदस्यों और मादक पदार्थ तस्करों के साथ-साथ सफेदपोश अपराधों के आरोपी भी रखे जाते हैं।





