
जान देने वाली डॉक्टर के भाई ने फिर उठाए सवाल, क्या लगाए आरोप? दबाव की भी कही बात
महाराष्ट्र के सतारा में रेप का आरोप लगाकर जान देने वाली डॉक्टर के रिश्तेदार ने मामले में एसआईटी की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ इतनी सी बात लिखकर वह जान देने वाली नहीं थी। साथ ही शक जाहिर किया है कि उसका कोई और सुसाइड नोट भी है, जिसे छिपाया जा रहा है।
महाराष्ट्र के सतारा में रेप का आरोप लगाकर जान देने वाली डॉक्टर के रिश्तेदार ने मामले में एसआईटी की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ इतनी सी बात लिखकर वह जान देने वाली नहीं थी। साथ ही शक जाहिर किया है कि उसका कोई और सुसाइड नोट भी है, जिसे छिपाया जा रहा है। इस रिश्तेदार का दावा है कि महिला डॉक्टर पर पुलिस के साथ-साथ पॉलिटिकल प्रेशर भी जबर्दस्त था। उन्होंने कहा कि एक साल से ज्यादा समय से महिला डॉक्टर पर पोस्टमार्टम और फिटनेस रिपोर्ट बनाने का दबाव बनाया जा रहा था। रिश्तेदार का यह भी कहना है कि डॉक्टर का लगातार शोषण हो रहा था।

मचा हुआ है हड़कंप
महिला डॉक्टर की सुसाइड के बाद महाराष्ट्र में हड़कंप मचा हुआ है। डॉक्टर ने अपनी हथेली पर आरोपियों का नाम लिखकर जान दी थी। इस बीच महिला डॉक्टर के कजिन ने उसके ऊपर के दबाव की बात कही है। उसने कहा कि अस्पताल का मेडिकल स्टाफ भी इसमें शामिल था। सभी लोग मिलकर उसके ऊपर गलत पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जाली फिटनेस सर्टिफिकेट बनाने का दबाव बनाते थे। डॉक्टर के रिश्तेदार ने यह भी कहा कि अन्य डॉक्टरों के अस्पताल में होने के बावजूद सिर्फ उसकी बहन पर ही अधिक से पोस्टमार्टम का दबाव रहता था।
सुबह तक नहीं हुआ था पोस्टमार्टम
इसके अलावा भाई ने डॉक्टर के शव को सही ढंग से हैंडल न किए जाने की बात कही है। आरोप है कि महिला की मौत के बाद प्रक्रिया के पालन में लापरवाही बरती गई। भाई के मुताबिक जब डॉक्टर की मौत हुई, सुबह छह बजे तक उसका पोस्टमार्टम करने के लिए कोई था ही नहीं। इतना ही नहीं, हम लोगों की गैरमौजूदगी में ही उसका शव घर से अस्पताल लाया गया। यह सब तो परिवार के सामने होना चाहिए था।
एक अन्य सुसाइड नोट का दावा
कजिन ने यह भी कहा कि उन्हें शक है कि एक और सुसाइड नोट है। उसने कहा कि डॉक्टर अपने साथ होने वाली मनमानियों को लगातार लिख रही थी। उसने काफी कठिन लड़ाई लड़ी और चार पेज का शिकायती पत्र लिखा था। वह बस अपनी हथेली पर लिखकर जान नहीं दे सकती। बता दें कि इस मामले में सतारा पुलिस ने सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने और प्रशांत बांकर को गिरफ्तार किया है। इस मामले में रेप और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है।





