मुस्लिम और ओबीसी महिलाओं के आरक्षण के लिए प्राइवेट मेंबर बिल लाएंगे, अखिलेश की सपा का ऐलान
सपा के सांसद ने ऐलान किया है कि हमारी पार्टी मुस्लिम और ओबीसी महिलाओं के लिए प्राइवेट मेंबर बिल लेकर आएगी। इस बिल में यह मांग रखी जाएगी कि मुस्लिम और ओबीसी महिलाओं को भी महिला आरक्षण के अंतर्गत अलग से कोटा दिया जाए। उनकी सीटों को अलग से आरक्षित किया जाए।

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल का विरोध करने वाली समाजवादी पार्टी ने बड़ा ऐलान किया है। पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने महिला आरक्षण संशोधन बिल का विरोध करते हुए कहा था कि इसमें ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं के लिए कोई प्रावधान क्यों नहीं है। इस पर उनकी एवं अखिलेश यादव की होम मिनिस्टर अमित शाह से भी बहस हो गई थी। अब इस मसले पर धर्मेंद्र यादव ने ऐलान किया है कि हमारी पार्टी मुस्लिम और ओबीसी महिलाओं के लिए प्राइवेट मेंबर बिल लेकर आएगी। इस बिल में यह मांग रखी जाएगी कि मुस्लिम और ओबीसी महिलाओं को भी महिला आरक्षण के अंतर्गत अलग से कोटा दिया जाए। उनकी सीटों को अलग से आरक्षित किया जाए।
धर्मेंद्र यादव ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि विपक्ष ने 2023 में महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया था। लेकिन उसके लिए नोटिफिकेशन जारी करने में सरकार को तीन साल का वक्त लगा है। उन्होंने कहा कि जब सर्वसम्मति से बिल पास हुआ था तो उसका नोटिफिकेशन जारी करने में इतना वक्त क्यों लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि आरक्षण को 2011 के आंकड़े से ही लागू करना है तो फिर नया बिल लाने की क्या जरूरत ही क्या है। इसके अलावा उन्होंने परिसीमन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने जम्मू-कश्मीर और असम के परिसीमन को समझा है, वे सरकार की नीति जान चुके हैं। उन्होंने कहा कि परिसीमन के बाद इन राज्यों में विपक्ष खत्म हो चुका है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और असम में परिसीमन के बाद विपक्ष का भरोसा कमजोर हुआ है। इसी के चलते सरकार की परिसीमन की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का संशोधन बिल जो लाया जा रहा है, उसमें ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं के लिए आखिर कुछ क्यों नहीं कहा जा रहा है। यह इसकी सबसे बड़ी कमी है। उन्होंने कहा कि इस कमी को हम ही पूरा करेंगे। समाजवादी पार्टी की ओर से मुस्लिम और ओबीसी महिलाओं को भी कोटे के अंदर कोटा देने की मांग के लिए एक प्राइवेट मेंबर बिल लाया जाएगा। विपक्ष हो या फिर सत्ताधारी दल हो, कोई भी ऐसा सांसद प्राइवेट मेंबर बिल ला सकता है, जो मंत्री पद पर ना हो।
कौन ला सकता है संसद में प्राइवेट मेंबर बिल
आमतौर पर जनहित के मुद्दों को ध्यान में रखकर सांसदों की ओर से ऐसे बिल पेश किए जाते रहे हैं। महिला आरक्षण में मुस्लिम और ओबीसी महिलाओं को शामिल किए जाने वाली मांग धर्मेंद्र यादव ने विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में भी रखी थी। इस पर अमित शाह ने कहा था कि मुस्लिमों को आरक्षण नहीं मिल सकता। संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान ही नहीं है। यही नहीं उन्होंने कहा कि यदि सपा को चिंता है तो वह चुनाव में सारे टिकट मुसलमानों को दे दे, हमें तो इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी।
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