सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर अब 9 जजों की पीठ करेगी फैसला, आ गई तारीख

Feb 16, 2026 12:46 pm ISTJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की पीठ सात अप्रैल से इस मामले पर सुनवाई शुरू करेगी। यह पीठ केरल के सबरीमाला मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर अब 9 जजों की पीठ करेगी फैसला, आ गई तारीख

Sabrimala Temple Case: सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर एक बार फिर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संवैधानिक पीठ 7 अप्रैल 2026 से इस मामले में सुनवाई शुरू करेगी। इस दौरान पीठ 7 अहम सवालों पर विचार करेगी, जिनके आधार पर यह तय होगा कि केरल के प्रसिद्ध सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर विवाद का अंतिम समाधान क्या होना चाहिए। इस दौरान केंद्र सरकार महिलाओं के मंदिर में प्रवेश का विरोध करेगी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची तथा जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने सोमवार को सभी पक्षों को 14 मार्च 2026 तक अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने 10 फरवरी 2020 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि जिन सात सवालों को तय किया जाना है, उनके जवाब के लिए सुनवाई जरूरी है। केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा है कि वह समीक्षा याचिका का समर्थन कर रही है और महिलाओं के इस मंदिर में प्रवेश का विरोध करती है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह जानकारी दी।

कब होगी सुनवाई?

उच्चतम न्यायालय में सुनवाई का कार्यक्रम भी तय कर दिया गया है। 7 से 9 अप्रैल तक समीक्षा याचिकाकर्ताओं या उनका समर्थन करने वालों की दलीलें सुनी जाएंगी। वहीं 14 से 16 अप्रैल तक विरोधी पक्ष की दलीलें होंगी। 21 अप्रैल को जवाबी दलीलें और 22 अप्रैल तक अंतिम बहस पूरी की जाएगी।

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट 9 जजों की पीठ धार्मिक स्वतंत्रता की सीमा, अनुच्छेद 25 और 26 के अधिकारों का संबंध, समानता के अधिकार, संवैधानिक नैतिकता, धार्मिक संप्रदायों के अधिकार और यह सवाल कि क्या कोई बाहरी व्यक्ति जनहित याचिका के जरिए धार्मिक प्रथा को चुनौती दे सकता है, जैसे मुद्दों पर फैसला करेगी।

5 जजों की पीठ ने सुनाया था फैसला

मामला सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2018 के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें पांच जजों की संविधान पीठ ने 4:1 के बहुमत से सभी आयु वर्ग की महिलाओं को इस मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी थी। इस फैसले के बाद केरल में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और कई समीक्षा याचिकाएं दाखिल की गईं। नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने समीक्षा याचिकाओं पर फैसला देते हुए मुद्दे को बड़ी पीठ के पास भेज दिया था। हालांकि कोरोना महामारी के कारण यह मामला लंबित हो गया था। अब 9 जजों की पीठ का फैसला ना केवल सबरीमला विवाद बल्कि दरगाह और मस्जिद में मुस्लिम महिलाओं के प्रवेश, गैर पारसी से विवाह करने वाली पारसी महिलाओं के अगियारी प्रवेश और दाऊदी बोहरा समुदाय में प्रचलित प्रथाओं जैसे अन्य मामलों को भी प्रभावित करेगा।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
;;;