हृदय मा छे काबा, नयने मदीना; गाने वालीं सायोनी घोष तंग आ गईं, लगाना पड़ा एक 'ताला'
'हृदय मा छे काबा, नयने मदीना' गाकर चर्चित हुईं टीएमसी की सांसद सायोनी घोष को तो इस तरह निशाना बनाया गया को तंग आकर उन्हें कॉमेंटबॉक्स पर ‘ताला’ लगाना पड़ा है। उन्होंने एक्स पर कॉमेंट सेक्शन बंद कर दिया है।

हृदय मा छे काबा, नयने मदीना… गाकर सुर्खियों में आईं सांसद सायोनी घोष इन दिनों ट्रोलर्स के निशाने पर हैं। टीएमसी की सांसद सायोनी घोष को तो इस तरह निशाना बनाया गया को तंग आकर उन्हें कॉमेंटबॉक्स पर ‘ताला’ लगाना पड़ा है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार के बाद जहां एक तरफ पार्टी के नेताओं को सड़कों से विमानों तक में विरोध का सामना करना पड़ रहा है तो सोशल मीडिया पर भी उनकी खूब ट्रोलिंग की जा रही है।
जादवपुर से टीएमसी की लोकसभा सांसद सायोनी घोष के खिलाफ 4 मई से ही बहुत अधिक नकारात्मक टिप्पणियां की जा रही थीं, जब पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा और भाजपा ने 200 से अधिक सीटों पर कब्जा करके टीएमसी को 15 साल पुरानी सत्ता से बेदखल कर लिया। बहुत से लोग सायोनी घोष को टीएमसी की हार के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे थे।
अभद्र टिप्पणियों के बाद बंद किया कॉमेंट सेक्शन
कुछ लोगों ने तो उनके खिलाफ बेहद अभद्र टिप्पणियां कीं और तस्वीरों को एडिट करके उनके कॉमेंट बॉक्स में पोस्ट करना शुरू कर दिया। सायोनी घोष ने तंग आकर कॉमेंट बॉक्स को नियंत्रित कर दिया है। अब सामान्य यूजर्स उनके पोस्ट पर ना तो कॉमेंट कर सकते हैं और ना पुरानी टिप्पणियां दिख रही हैं। सायोनी घोष के पोस्ट के नीचे ताले के निशान के साथ मैसेज दिख रहा है, 'ओनली सम अकाउंट्स कैन रिप्लाई (कुछ ही अकाउंट्स जवाब दे सकते हैं।)' यह संदेश तब दिखता है जब कोई अकाउंट होल्डर कुछ या सभी लोगों को कॉमेंट के लिए प्रतिबंधित कर देता है।
कॉमेंट सेक्शन खोलने की दी जा रही चुनौती
सायोनी घोष ने भले ही कॉमेंट सेक्शन बंद कर दिया लेकिन उनके आलोचक इससे भी बाज नहीं आ रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग उन्हें टैग करते हुए पोस्ट कर रहे हैं और उन्हें कॉमेंट सेक्शन खोलने की चुनौती दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'सायोनी जी ज्यादा सयानी बन गईं और कॉमेंट सेक्शन बंद कर दिया ताकि लोग उन्हें उनकी सच्चाई नहीं दिखा सकें और प्रोपेगेंडा ध्वस्त ना कर सकें। अच्छा प्रयास है।' इस कॉमेंट में अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया गया है।
क्यों सायोनी घोष को लिया जा रहा है निशाने पर?
दरअसल, सायोनी घोष को पश्चिम बंगाल में टीएमसी की हार के लिए जिम्मेदार रहे कई कारणों में से एक बताया जा रहा है। सायोनी घोष ने चुनावी रैलियों के दौरान मुसलमानों को खुश करने वाला गाना गाया, जिसके वीडियो खूब वायरल हुए। सायोनी के आलोचकों का कहना है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में मुस्लिम तुष्टीकरण की कोशिश की, जिसके जवाब में हिंदू एकजुट हो गए और टीएमसी की हार सुनिश्चित हुई। बांग्ला फिल्मों की अभिनेत्री और गायिका सायोनी घोष को टीएमसी की तेज तर्रार नेताओं में गिना जाता है।
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
सुधीर झा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार और संपादकीय नेतृत्वकर्ता हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में LiveHindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित 8 राज्यों की कवरेज संभालने वाली स्टेट टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे राजनीति, अपराध और प्रशासन से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज से लेकर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तक, तथ्य-आधारित और संतुलित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
15 सालों का अनुभव
सुधीर झा ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। दैनिक आज समाज और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल, न्यूजट्रैक और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क के अनुभव ने उनकी विश्लेषणात्मक समझ को और व्यापक बनाया। डिजिटल पत्रकारिता में उन्हें होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता प्राप्त है।
विश्वसनीय खबरों का लेखन
सुधीर झा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (जैसे लोकसभा चुनाव और केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता रखते हैं। उनकी संपादकीय शैली में स्पीड और वेरिफिकेशन का संतुलन प्रमुख है। वे जमीनी स्रोतों, स्ट्रिंगर्स और रिपोर्टर्स के साथ समन्वय कर एक्सक्लूसिव और इम्पैक्टफुल स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वे प्रत्येक खबर में मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, सभी पक्षों की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञों की राय शामिल करने पर जोर देते हैं। सुधीर झा न्यूज राइटिंग में विश्वसनीयता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखते हैं। उनकी संपादकीय प्राथमिकता सार्वजनिक हित, निष्पक्षता और तथ्यपरकता है। सुधीर झा का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है।
शिक्षा और सम्मान
सुधीर झा ने कंप्यूटर साइंस में स्नातक किया है और दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘Digi Journo of the Year 2024–25’ और ‘Digital Content Award 2023–24’ से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले उन्हें 'हम से सीखो' विशेष कैंपेन के लिए भी सम्मानित किया गया है।
विशेषज्ञता
राजनीति, अपराध और प्रशासनिक मामलों की गहन व तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग
ब्रेकिंग न्यूज मैनेजमेंट और मल्टी-स्टेट हाइपरलोकल कवरेज लीडरशिप
डिजिटल होमपेज ऑप्टिमाइजेशन और रियल-टाइम कंटेंट स्ट्रेटेजी
लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट) और विश्लेषणात्मक लेखन
मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, संपादकीय गुणवत्ता नियंत्रण और टीम मेंटरशिप


