किसी भी कीमत पर न हो जहाज पर हमला, जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री को अच्छे से समझा दिया
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री को समझाते हुए कहाकि किसी भी हाल में कॉमर्शियल जहाजों और नाविकों पर हमले से बचा जाना चाहिए।

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री को समझाते हुए कहाकि किसी भी हाल में कॉमर्शियल जहाजों और नाविकों पर हमले से बचा जाना चाहिए। एक्स पर एक पोस्ट में, जयशंकर ने बताया कि भारत किसी भी पक्ष द्वारा वाणिज्यिक नौवहन और नाविकों पर हमले की निंदा करता है। भारतीय विदेश मंत्री ने इस क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर भी चिंता जताई है। गौरतलब है कि फरवरी में पश्चिम एशिया में संघर्ष की शुरुआत के बाद, इस क्षेत्र में 16 भारतीय नागरिकों सहित 10 नाविकों की जान चली गई है। इनमें से एक सऊदी अरब, दो कुवैत, आठ ओमान, एक इराक और चार यूएई में मारे गए हैं। इसके अलावा इस दौरान 75 भारतीय घायल भी हुए हैं। इनमें से 32 यूएई, 24 ओमान, चार कतर, 13 कुवैत, एक सऊदी अरब और एक इजरायल में हमले की चपेट में आया।
एक्स पर किया पोस्ट
एस जयशंकर ने इसको लेकर एक्स पर भी पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री के साथ हुई बातचीत का ब्यौरा दिया है। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वर्तमान घटनाओं और चल रहे विचार-विमर्श पर ईरान के दृष्टिकोण से अवगत कराया गया। भारत हमेशा संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है। इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक की अध्यक्षता की। इसमें युद्ध प्रभावित इलाकों में घरेलू और विदेशी झंडे वाले जहाजों में सेवाएं देने वाले नाविकों की स्थिति पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को नाविकों और उनके परिवारों को समय पर जानकारी, आपातकालीन सहायता और परामर्श देने के लिए एक तंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया।
पीएम मोदी का भी दखल
एवियान में जी7 सम्मेलन के दौरान, पीएम मोदी ने समुद्री व्यापार के माध्यम से सभी देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहाकि होर्मुज में समुद्री व्यापार में रुकावट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा था कि कई भारतीय नागरिकों की जानें गई हैं। समुद्री व्यापार के माध्यम से सभी देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें और नाविक बिना डर के अपना काम कर सकें।
यूक्रेनी विदेश मंत्री से भी बात
इससे पहले गुरुवार को एस जयशंकर ने यूक्रेन में अपने समकक्ष आंद्रेई सिबिहा से कहाकि काला सागर में किसी भी पक्ष की ओर से वाणिज्यिक जहाज और भारतीय नाविकों पर हमले बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं और भारत इनकी कड़ी निंदा करता है। यशंकर ने सिबिहा के साथ फोन पर बातचीत के दौरान यह बात कही। यह बातचीत भारत द्वारा यूक्रेन के राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब कर काला सागर क्षेत्र में एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में भारतीय नाविक की मौत को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराने के कुछ दिनों बाद हुई।
बता दें कि यूक्रेन और रूस के बीच नए सिरे से तनाव बढ़ने के बीच पोत एमवी ओमोर्फी यूक्रेनी ड्रोन हमले की चपेट में आ गया था। काला सागर में हाल के दिनों में रूस और यूक्रेन के हमलों के कारण वाणिज्यिक जहाजों पर सवार पांच भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य के लापता होने की सूचना है। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहाकि काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों और भारतीय नाविकों पर हुए हमलों को लेकर चर्चा की। किसी भी पक्ष द्वारा इस तरह के हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और भारत इनकी स्पष्ट रूप से निंदा करता है।


