चीन जा रहा था रूसी तेल टैंकर, बीच रास्ते में ले लिया यूटर्न; पहुंच गया भारत

Mar 22, 2026 06:04 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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इस टैंकर को जनवरी के आखिर में बाल्टिक सागर के एक बंदरगाह पर लोड किया गया था। इसे चीन के रिझाओ बंदरगाह की ओर जाना था, लेकिन, ईरान युद्ध शुरू होने के बाद जब अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने पर लगाई अस्थायी छूट खत्म की तो मार्च के बीच में इसने यू-टर्न लिया और भारत की ओर चल पड़ा।

चीन जा रहा था रूसी तेल टैंकर, बीच रास्ते में ले लिया यूटर्न; पहुंच गया भारत

Iran War Update: ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से दुनियाभर में तेल संकट पैदा हो गया है। भारत भी तेल सप्लाई पूरी करने के लिए अन्य देशों से तेल खरीद रहा है। रूसी कच्चा तेल ला रहा टैंकर एक्वा टाइटन भारत के तट पर पहुंच गया है। दरअसल, यह पहले टैंकर चीन जा रहा था, लेकिन बाद में इसने बीच रास्ते से ही यू टर्न लेते हुए भारत की ओर चल पड़ा। इस टैंकर के न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचने से तेल को लेकर राहत मिलने की उम्मीद है। रूस के कुल सात टैंकर भारत आ रहे हैं।

इस टैंकर को जनवरी के आखिर में बाल्टिक सागर के एक बंदरगाह पर लोड किया गया था। इसे चीन के रिझाओ बंदरगाह की ओर जाना था, लेकिन, ईरान युद्ध शुरू होने के बाद जब अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने पर लगाई अस्थायी छूट खत्म की तो मार्च के बीच में इसने यूटर्न लिया और भारत की ओर चल पड़ा।

न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम सात ऐसे रूसी तेल से लदे हुए जहाज हैं, जो चीन जा रहे थे, वे अब भारत की ओर मुड़ गए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ईरान किसी भी जहाज को जाने नहीं दे रहा है, कई जहाजों पर उसने हमले किए हैं। ऐसे में तेल और एलपीजी संकट पैदा गया है। भारत ने होर्मुज के अलावा भी कई अन्य रास्तों से तेल की खरीदारी बढ़ा दी है। होर्मुज के रास्ते भारत लगभग 40-50 फीसदी कच्चा तेल खरीदता है। इसके अलावा, एक और टैंकर स्वेजमैक्स जूजू एन के 25 मार्च को गुजरात के सिक्का बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है।

हाल ही में होर्मुज पार करने के लिए भारत को एक और बड़ी सफलता मिली है। दो और एलपीजी टैंकरों को ईरान ने होर्मुज पार करने की इजाजत दे दी है। आने वाले दिनों में ये टैंकर भारत आ सकते हैं। रॉयटर्स ने शिपिंग डेटा और सूत्रों के हवाले से बताया कि यात्राओं में आए ठहराव के बाद, भारतीय झंडे वाले लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस के दो टैंकर आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की तैयारी कर रहे हैं। सैकड़ों जहाजों ने लंगर डाल दिया है, क्योंकि तेहरान ने उन जहाज़ों पर हमला करने की धमकी दी है जो होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते खाड़ी से बाहर निकलने की कोशिश करेंगे।

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लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
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वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

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