भारत-पाकिस्तान के लोगों के बीच संपर्क की जरूरत, RSS के प्रचार प्रमुख ने क्या कहा?

लाइव हिन्दुस्तान, पुणे
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आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि जब दूसरे देशों से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं, तो राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर सरकार तक अपने विचार पहुंचाने चाहिए और सरकार को राष्ट्रीय हित में फैसला लेना चाहिए।

भारत-पाकिस्तान के लोगों के बीच संपर्क की जरूरत, RSS के प्रचार प्रमुख ने क्या कहा?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच संपर्क की हिमायत करते हुए बुधवार को कहा कि अब तक दोनों देशों की सरकारों, सेनाओं और एजेंसियों के बीच हुई बातचीत विफल रही है। पुणे श्रमजीवी पत्रकार संघ में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान, आंबेकर ने यह भी कहा कि संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले और सरसंघचालक मोहन भागवत ने पूर्व में 'पाकिस्तान के साथ बातचीत' के बारे में जो टिप्पणियां की थीं, वे लोगों के बीच आपसी संपर्क के बारे में थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये टिप्पणियां आधिकारिक राजनयिक बातचीत के बारे में नहीं थीं।

उन्होंने कहा, ''सरसंघचालक (मोहन भागवत) की टिप्पणियां दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क के बारे में थीं। सरकारों को बातचीत करनी चाहिए या नहीं, यह कूटनीतिक विषय है, जिसमें राष्ट्रीय हित और कई संवेदनशील मुद्दे शामिल रहते हैं।'' मई में 'पीटीआई-वीडियो' को दिए एक साक्षात्कार में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले ने कहा था कि पाकिस्तानी सेना और राजनीतिक नेतृत्व पर भारत में बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि गतिरोध को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका लोगों के बीच आपसी संपर्क है।

पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत करने वाले संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी के बयानों का बचाव करते हुए, भागवत ने बाद में कहा था कि वह पड़ोसी देश के लोगों की बात कर रहे थे। आंबेकर ने कहा कि विदेश नीति से जुड़े फैसले, विशेष रूप से टकराव या असाधारण हालात में, सरकार पर ही छोड़ देने चाहिए। आरएसएस के प्रचार प्रमुख ने कहा कि जब दूसरे देशों से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं, तो राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर सरकार तक अपने विचार पहुंचाने चाहिए और सरकार को राष्ट्रीय हित में निर्णय लेना चाहिए।

'हमने उम्मीद खो दी है, इसलिए...'

आंबेकर ने कहा कि आरएसएस एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है, इसलिए जब भी जरूरत होगी, वह सरकार तक अपनी बात पहुंचाएगा। भागवत की बातों को और स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सरकारों, सेनाओं और एजेंसियों के बीच बातचीत के पारंपरिक तरीकों से अब तक वांछित परिणाम नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा, ''(दोनों देशों की) सरकारों, सेनाओं और एजेंसियों के बीच अब तक जो भी बातचीत हुई है, वह विफल रही है। हमने उम्मीद खो दी है... इसलिए, लोगों के बीच आपसी संपर्क की जरूरत है।''

'बातचीत की बहुत जरूरत है'

आंबेकर ने दोनों देशों के बीच जारी आदान-प्रदान, जैसे कि इलाज के लिए यात्रा और व्यापार का जिक्र किया और कहा कि इस तरह के मेल-जोल से साझा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक यादों को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। उन्होंने बलूचिस्तान जैसे इलाकों की भावनाओं का भी ज़िक्र किया और कहा कि साझा इतिहास के बारे में अधिक जानकारी होने से लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को सुलझाने में मदद मिल सकती है। आंबेकर ने कहा, ''लोगों के बीच बातचीत की बहुत जरूरत है और इसे जारी रहना चाहिए। इसे राजनीतिक कूटनीति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।'' बातचीत के दौरान उन्होंने कई अन्य मुद्दों पर भी बात की, जैसे कि जनसांख्यिकीय संतुलन, जनसंख्या नीतियां और मुस्लिम समुदाय तक पहुंच बनाना। उन्होंने कहा कि आरएसएस समाज के सभी वर्गों के साथ बातचीत के लिए तैयार है।

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Madan Tiwari

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Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
परिचय, अनुभव एवं शिक्षा
वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

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मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत एक दर्जन से ज्यादा पुरस्कार जीते हैं।

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