Hindi NewsIndia NewsRSS leader Ram Madhav said on the Delhi Red Fort blast terror has no religion but a terrorist does
आतंक को लेकर बहुत सारे मिथक टूट गए... दिल्ली लाल किला ब्लास्ट पर RSS नेता राम माधव

आतंक को लेकर बहुत सारे मिथक टूट गए... दिल्ली लाल किला ब्लास्ट पर RSS नेता राम माधव

संक्षेप:

दिल्ली के लाल किला के सामने हुए कार ब्लास्ट को लेकर राम माधव ने कहा कि इस घटना ने आतंक से जुड़े कई मिथकों को तोड़ दिया है। साफ है कि पढ़े-लिखे लोग भी आतंकी हो सकते हैं, आतंक का गरीबी से कोई लेना-देना नहीं है।

Nov 28, 2025 10:55 am ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

फरीदाबाद से सामने आया आतंक का डॉक्टर वाला रूप इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी मॉड्यूल के तहत दिल्ली के लाल किले के सामने हुए आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता राम माधव ने कहा कि इस घटना ने आतंक से जुड़े बहुत सारे मिथकों को तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर यह धारणा बनी हुई है कि शिक्षा का आतंकवाद से कोई लेना देना नहीं है। यह गरीबी का परिणाम है। इस घटना ने साबित कर दिया कि आतंकवाद का शिक्षा या गरीबी से कोई लेना देना नहीं है, यह एक धारणा, एक सोच का परिणाम है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

एएनआई से बातचीत करते हुए संघ के नेता ने कहा कि किसी एक धर्म को पूरी तरह से आतंकवाद से नहीं जोड़ा जा सकता, लेकिन एक यह भी नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवादी का धर्म होता है। उन्होंने कहा, "दिल्ली लाल किला ब्लास्ट के मामले का मुख्य आतंकी अपने कुकर्मों को सही ठहराने के लिए कुरआन की आयतों का हवाला दे रहा है... हम मानें या न मानें आतंकवादियों की धार्मिक प्रेरणा होती है। इस बात को अब और नकारा नहीं जा सकता है। इसलिए हमें इस बात को अब नकार देना चाहिए कि पढ़े लिखे लोग आतंकवादी नहीं हो सकते। दुनिया ने देखा है कि ओसामा बिन लादेन इंजीनियर था, अल जवाहिरी डॉक्टर था और आतंकवादी भी था।"

उन्होंने कहा, "दूसरी बात हमें इस बात को भी खारिज कर देना चाहिए की आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता... हां, हम किसी एक धर्म को पूरी तरह से आतंकवाद के साथ नहीं जोड़ सकते हैं, लेकिन इतना तय है कि एक आतंकवादी का अपना धर्म होता है। लोग धार्मिक आधार पर आतंक की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। हमें इस मुद्दे को लेकर अब तार्किक तरीके से सोचना होगा।"

संघ नेता ने आतंकवादियों को भटका हुआ नौजवान बताकर बचाने वाले लोगों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “अगर आप इसे (आतंकवाद को) यूं ही नकारते रहेंगे, तो आप फिर वही पुराना बचाव वाला और माफी मांगने वाला प्रचार कर रहे हैं। हमारे देश में ऐसे बुद्धिजीवियों की कमी नहीं है। अब समय आ गया है कि हम सभी को इसका खड़े होकर मुकाबला करना चाहिए। हमारे लिबरल बुद्धिजीवी और मुस्लिम बुद्धिजीवियों को भी इन बातों पर खुलकर सामने आना चाहिए।”

आपको बता दें, यह पूरी बात फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर मॉड्यूल से जुड़ी हुई है। इसमें इन आतंकियों के पास से बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था। लाल किले के पास कार में आत्मघाती हमला करने वाला भी आतंकी उमर भी एक डॉक्टर था। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और अभी तक कई गिरफ्तारियाँ भीदिल हो चुकी हैं।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak
उपेन्द्र पिछले कुछ समय से लाइव हिन्दुस्तान के साथ बतौर ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली (2023-24 बैच) से पूरी की है। इससे पहले भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से अपना ग्रैजुएशन पूरा किया। मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, राजनीति के साथ-साथ खेलों में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।