अजित पवार प्लेन क्रैश जांच में केंद्रीय मंत्री की भूमिका पर संदेह? रोहित ने की हटाने की मांग
महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत की जांच के पहले रोहित पवार ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने केंद्रीय विमानन मंत्री नायडू और दुर्घटनाग्रस्त विमान बनाने वाली कंपनी के साथ घनिष्ठ संबंधों का दावा करते हुए उन्हें जांच होने तक हटाने की मांग की है।

महाराष्ट्र के दिवंगत उप मुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत का मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर पहले ही केंद्र सरकार पर जांच का दवाब बना रहे पवार परिवार ने नया दावा किया है। एनसीपी विधायक रोहित पवार ने पत्र लिखकर पीएम मोदी से केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू को विमान दुर्घटना की जांच पूरी होने तक हटाने की मांग की है। गौरतलब है कि 28 जनवरी को हुए बारामति में हुई इस हादसे में ही अजित पवार की जान चली गई थी।
महाराष्ट्र की कर्जत-जामखेड़ा विधानसभा का नेतृत्व करने वाले रोहित पवार ने दावा किया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान लीयरजेट 45 की मालिक कंपनी वीएसआर के साथ नायडू के घनिष्ठ संबंध हैं। ऐसे में नायडू के केंद्रीय विमानन मंत्री रहते हुए इस जांच पर भी सवाल उठाए जा सकते हैं। रोहित ने पीएम से आग्रह किया कि इस मामले की जांच एक स्वतंत्र और सक्षम प्राधिकरण के द्वारा की जानी चाहिए।
रोहित पवार ने प्रधानमंत्री को लिखे अपने खत में लिखा, "आपने (प्रधानमंत्री) हमेशा अजित दादा और उनके देश के प्रति उनके सम्मान और योगदान को याद किया है। इस संदर्भ में, मैं अनुरोध करता हूं कि राम मोहन नायडू को जांच पूरी होने तक अपने पद से इस्तीफा देने को कहा जाए। यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि वीएसआर के संबंध में डीजीसीए के किसी भी तरह से प्रभावित होने की जांच में कोई दखल या हस्तक्षेप न हो।”
यह पहली बार नहीं है, जब रोहित पवार ने अजित की मौत की जांच करने की मांग उठाई है। इससे पहले भी रोहित ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि केंद्र जानबूझकर जांच शुरू करवाने में देरी कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह देरी कंपनी को सबूत मिटाने के लिए समय देने के उद्देश्य से हो रही है। रोहित ने कई बार इस बात का दावा किया है कि अजित पवार की मौत केवल एक हादसा नहीं है। इसके लिए उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी हैं। रोहित के दावों के बाद अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने भी केंद्र सरकार से इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने का आग्रह किया था।
आपको बता दें, 28 जनवरी 2026 को बारामति हैलीपेड के पास ही अजित पावर का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया था, हालांकि कुछ दिनों के बाद ही महायुति में उपमुख्यमंत्री के रूप में सुनेत्रा पवार का नाम घोषित किया और उन्हें शपथ दिलवा दी गई। अजित की मौत को हादसे की जगह साजिश का नाम देने की शुरुआत ममता बनर्जी ने की थी। इस पर जवाब देते हुए शरद पवार ने इसे एक दुर्घटना करारदिाय था और राजनीति को इससे दूर रखने के लिए कहा था।


