
सड़क दुर्घटना में घायलों को कब से मिलेगा कैशलेस इलाज, गडकरी ने बताया; क्या है स्कीम
नितिन गडकरी ने यहां राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की वार्षिक बैठक में कहा, 'यह योजना सड़क दुर्घटनाओं में समय पर चिकित्सा सहायता न मिलने से होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से लाई जा रही है।'
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही देशभर में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए नकद-रहित उपचार योजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे। यह योजना किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहन के उपयोग से होने वाली सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी। जानते हैं इस योजना के बारे में।
क्या है योजना
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले किसी भी व्यक्ति को देशभर के चुनिंदा अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिलेगा। इस योजना के तहत, दुर्घटना होने के 7 दिनों के अंदर घायल व्यक्ति 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज कराने का हकदार होगा।
आयुष्मान से होगी अलग
सरकार ने कहा है कि AB-PMJAY यानी आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के दायरे में नहीं आती है। बीमित मोटर वाहनों के अलावा अन्य मोटर वाहनों द्वारा सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित मामलों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा बजटीय सहायता प्रदान की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बीमित मामलों के अलावा अन्य के लिए योजना के तहत 272 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
नितिन गडकरी ने क्या कहा
गडकरी ने यहां राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की वार्षिक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाताओं से कहा, 'यह योजना सड़क दुर्घटनाओं में समय पर चिकित्सा सहायता न मिलने से होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से लाई जा रही है।'
इस बैठक में सड़क सुरक्षा, यात्रियों की सुविधा, व्यापार सुगमता और वाहन नियमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई। मोटर वाहन के उपयोग से होने वाली किसी भी सड़क दुर्घटना का शिकार व्यक्ति इस योजना के प्रावधानों के अनुरूप ‘कैशलेस’ उपचार का हकदार होगा।
6 राज्यों तक हुआ विस्तार
कैशलेस उपचार मिलने से सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों को समय पर इलाज मिलने की राह आसान होने की संभावना है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने 14 मार्च, 2024 को चंडीगढ़ में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को नकद-रहित उपचार उपलब्ध कराने के लिए एक पायलट परियोजना शुरू की थी। बाद में इस परियोजना का विस्तार छह राज्यों तक कर दिया गया था।
सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ‘सड़क दुर्घटना पीड़ितों की कैशलेस उपचार योजना, 2025’ के तहत प्रत्येक पीड़ित को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों की अवधि के लिए प्रति दुर्घटना 1.5 लाख रुपये तक का नकद-रहित इलाज प्रदान किया जाएगा। मार्च, 2024 में पायलट परियोजना शुरू होने के बाद से अब तक आए कैशलेस उपचार अनुरोधों में से करीब 20 प्रतिशत मामलों को अस्वीकार किया गया है।
गडकरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया था कि कुल 6,833 उपचार अनुरोधों में से 5,480 पीड़ित पात्र पाए गए, जबकि शेष मामलों को पुलिस द्वारा खारिज कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मोटर वाहन दुर्घटना कोष के तहत अब तक 73,88,848 रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।

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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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