पहलगाम हमले के बाद भी खेले थे, ढोंग क्यों करते हो; भारत-पाकिस्तान मैच पर मनोज झा
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबला आज शाम कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाना है। कुछ दिनों पहले पाकिस्तान की ओर से मैच बॉयकॉट की धमकी आई थी, जो वापस ले ली गई।

टी-20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान के आगामी मैच को लेकर RJD सांसद मनोज झा ने तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि हमने एक बहुत ही फनी सिचुएशन क्रिएट कर ली है। अगर कोई चिंता है तो फैसला साफ होना चाहिए - खेलें या न खेलें। वे खेलेंगे और मीडिया का फोकस सिर्फ इस पर रहेगा कि दोनों टीम के कप्तान हाथ मिलाते हैं या नहीं। क्या यह मजाक नहीं है? क्या यह एक बड़े देश भारत की इमेज को छोटा करने की कोशिश नहीं है? उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि इसमें अरबों रुपये इन्वॉल्व हैं। पहलगाम अटैक के तुरंत बाद भी मैच खेले गए थे। इसलिए या तो खेलें या न खेलें। साफ फैसला होना चाहिए। ढोंग रचकर दोनों नैरेटिव को सेट किया जा रहा है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबला आज शाम कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाना है। कुछ दिनों पहले पाकिस्तान की ओर से मैच बॉयकॉट की धमकी आई थी, जो ICC और अन्य देशों के दबाव में वापस ले ली गई। राजनीतिक तनाव के बावजूद क्रिकेट मैच होने जा रहा है, लेकिन हैंडशेक और पोस्ट-मैच बिहेवियर पर बहस छिड़ गई है। मनोज झा ने इसे हाइपोक्रिसी करार दिया। उन्होंने कहा कि बड़े देश की इमेज को इस तरह की छोटी-छोटी चीजों से प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने क्रिकेट को राजनीति से अलग रखने की बजाय स्पष्ट रुख अपनाने की वकालत की।
सरकार और क्रिकेट बोर्ड पर सवाल
टी-20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा से सबसे ज्यादा व्यूअरशिप वाला होता है, जिसमें अरबों रुपये का कमर्शियल वैल्यू जुड़ा होता है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच बाइलेटरल सीरीज नहीं खेली गई हैं, लेकिन ICC इवेंट्स में न्यूट्रल वेन्यू पर मुकाबले होते रहे हैं। पहलगाम जैसे आतंकी हमलों के बाद भी मैच खेले जाने का जिक्र मनोज झा ने किया। उन्होंने सरकार और क्रिकेट बोर्ड पर सवाल उठाए हैं कि सुरक्षा चिंताओं के बावजूद मैच क्यों खेले जाते हैं, लेकिन फिर भी छोटी-छोटी बातों पर ड्रामा क्रिएट किया जाता है। उनका कहना है कि या तो पूरी तरह से मैच से दूर रहें या फिर बिना किसी बहाने के खेलें।
शाम के मुकाबले का बेसब्री से इंतजार
फिलहाल, खेत्तारमा रोड भारतीय और पाकिस्तानी जर्सी, टोपी, झंडे बेचने वाले स्थानीय विक्रेताओं से भरी हुई है। युवा टैटू बनाने के लिए स्याही लेकर घूम रहे हैं। यहां अस्थायी स्टॉल भी लगे हैं जो चिलचिलाती धूप में कतार में खड़े प्रशंसकों को नींबू पानी, फलों का रस और नारियल पानी दे रहे हैं। क्रिकेटर भी इसे महसूस करते हैं। पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने इसे बखूबी बयां किया है। उन्होंने कहा, 'मैंने श्रीलंका के कम से कम चार पांच दौरे किए हैं। मैंने सबसे अच्छे लोगों को यहीं देखा है। वे बहुत अच्छे लोग हैं और उनका आतिथ्य सत्कार बहुत बढ़िया है। इसलिए हम यहां के माहौल का आनंद ले रहे हैं।'





