यह राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि…; NEET को लेकर NDA के सहयोगी दलों में भी छटपटाहट
नीट पेपर लीक मामले में सरकार की जवाबदेहरी तय करने को लेकर चल रहे कॉक्रोच जनता पार्टी के आंदोलन के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने इस परीक्षा को खत्म करने की मांग फिर उठा दी है।

नीट (NEET) के मुद्दे पर केंद्र के सहयोगी दल भले ही एकजुट नजर आ रहे हों, लेकिन अंदर ही अंदर उनके भीतर छटपटाहट है। इन सहयोगी दलों का मानना है कि इस मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा मानकर नहीं चल सकते बल्कि छात्रों की चिंताओं का समाधान करने के गंभीर प्रयास का संदेश देना होगा। एक नेता ने कहा यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है। इस पर संभल कर आगे बढ़ने की जरूरत है। एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा कि हमें इस मामले को बहुत आगे नहीं बढ़ने देना चाहिए। एक सुझाव यह भी आया है कि सरकार पर अगर ज्यादा दबाव बने तो किसी भी नियम के तहत चर्चा के लिए हामी भरने से नहीं हिचकिचाना चाहिए, क्योंकि इस मुद्दे से छात्रों का सेंटीमेंट जुड़ रहा है।
बिहार से जुड़े एनडीए के सहयोगी दल के वरिष्ठ नेता ने कहा कि गठबंधन की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह के संकेत दिए उससे लगता है कि सरकार परीक्षा के फूलप्रूफ सिस्टम बनाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दृढ़ है। लेकिन बड़ी चुनौती छात्रों के बीच बनी धारणा को तोड़ना है कि सरकार कुछ नहीं कर रही है।
NEET खत्म करने की मांग फिर उठी
नीट पेपर लीक मामले में सरकार की जवाबदेहरी तय करने को लेकर चल रहे कॉक्रोच जनता पार्टी के आंदोलन के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने इस परीक्षा को खत्म करने की मांग फिर उठा दी है। आशंका है कि कई और राज्य भी इस मांग के समर्थन में आगे आ सकते हैं। NEET जब शुरू हुई थी तभी से कई राज्य इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह परीक्षा कोचिंग को बढ़ावा देती है और समाज के कमजोर वर्ग और ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए डॉक्टर बनने के मौके खत्म करती है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने इसकी जगह पर 12वीं बोर्ड परीक्षा के आधार पर मेडिकल में प्रवेश की अनुमति देने की मांग रखी है। बता दें कि तमिलनाडु शुरू से ही इस परीक्षा का विरोध कर रहा है। नीट को पहली बार 2013 में आरंभ किया गया था। तब 5.58 लाख बच्चे इसमें बैठे थे, लेकिन इस बार 19.99 लाख छात्रों ने परीक्षा दी है।
पूर्व में नीट का विरोध करने वाले राज्यों में पश्चिम बंगाल, दिल्ली, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पंजाब प्रमुख रूप से शामिल रहे हैं। अब इनमें से कई राज्यों में भाजपा सरकारें बन चुकी हैं। इसके बावजूद विपक्ष शासित राज्यों द्वारा इस मुद्दे को उठाया जा सकता है।
द्रमुक ने भी नीट खत्म करने पर जोर दिया
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता टीकेएस एलंगोवन ने नीट के प्रति अपनी पार्टी के जारी विरोध को दोहराते हुए केंद्रीकृत मेडिकल प्रवेश परीक्षा को समाप्त करने की मांग की।
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Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
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