
पाक को गहरे जख्मों की याद दिलाएगी गणतंत्र दिवस की परेड, पहली बार नजर आएगा भारत का S-400
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस साल गणतंत्र दिवस समारोह की थीम “स्वतंत्रता का मंत्र- वंदे मातरम” और “समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत” रखी गई है। झांकियों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल और देश की आत्मनिर्भरता को दिखाया जाएगा।
मौजूदा समय में दुनिया की सबसे धांसू वायु रक्षा प्रणाली S-400 ने बीते साल मई के महीने में पाकिस्तान को गहरा जख्म दिया था। भारत और पाकिस्तान के बीच मई में बनी युद्ध जैसी स्थिति के दौरान इस एयर डिफेंस सिस्टम ने भारतीय सशस्त्र बलों का बखूबी साथ निभाया और पाकिस्तान के कायराना हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया था। अब यह एयर डिफेंस सिस्टम इंडिया गेट पर भारत की शान में चार चांद लगाने जा रहा है। S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड में दिखाई देखा।
जानकारी के मुताबिक ‘सुदर्शन चक्र’ के नाम से जाने जानी वाली यह वायु रक्षा प्रणाली डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स की झांकी में दिखाई जाएगी। एयर कॉमोडोर मनीष सभरवाल ने बताया कि यह सिस्टम रिपब्लिक डे परेड 2026 में खास आकर्षण होगा। इस साल डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स ट्राई-सर्विसेज टेब्लो, ऑपरेशन सिंदूर” को दर्शाएगी। इसमें थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल और संयुक्त ऑपरेशन की सफलता को भी दिखाया जाएगा।
दुनिया की सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणाली
बता दें कि S-400 मौजूदा समय में दुनिया की सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणाली है। भारत ने इस सिस्टम को अपने सबसे प्रमुख रक्षा सहयोगी रूस से खरीदा है। अपने नाम के अनुरूप यह सिस्टम 400 किलोमीटर दूर तक की दूरी पर मौजूद खतरों को रोकने में सक्षम है। वहीं यह 600 किलोमीटर दूर तक के टारगेट को भी ट्रैक कर सकता है।
भारत ने देश भर में अब तक ऐसे चार सिस्टम तैनात किए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से किए गए हमलों को S-400 सिस्टम ने पांच से छह पाकिस्तानी लड़ाकू विमान और एक स्पाई प्लेन को भी मार गिराया था।
बेहद खास होगी गणतंत्र दिवस की परेड
इस बार गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व इस बार लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार करेंगे। वह चौथी बार परेड की कमान संभालेंगे। परेड में कुल 6,050 सैन्यकर्मी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा भैरव, शक्तिबाण, यूजीवी और एटीएजीएस जैसे आधुनिक सैन्य उपकरण भी परेड में शामिल होंगे। 26 जनवरी को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर कुल 30 झांकियां भी निकाली जाएंगीं। इनमें 17 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के होंगी। वहीं 13 टेब्लो विभिन्न मंत्रालयों, डिपार्टमेंट और सर्विसेज के होंगे।





