
आतकियों ने जुटाए 20 लाख रुपये, फिर खरीदी 20 क्विंटल NPK खाद; बहुत खतरनाक था प्लान
एजेंसी अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या धमाकों के लिए अलग से गाड़ियां तैयार की जा रही थीं। आई20 और इकोस्पोर्ट मामलों के बाद, पता चला है कि संदिग्ध दो और पुरानी गाड़ियां तैयार करने की योजना बना रहे थे।
दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में हुए भीषण कार ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत के बाद मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। गुरुवार को जांच एजेंसियों ने खुलासा किया कि करीब आठ संदिग्ध एक बड़े आतंकी हमले की तैयारी में थे। योजना के तहत चार शहरों में एक साथ धमाके करने की साजिश रची गई थी, जिसमें हर दो आरोपियों की जोड़ी को एक-एक शहर में हमले की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जोड़े में चल रहे थे और उनके पास कई इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज (IEDs) मौजूद थे, जिन्हें एक ही समय पर विस्फोट करने की योजना थी। जिन लोगों पर शक की सुई घूम रही है, उनमें पुराने आतंकी मामलों से जुड़े नाम भी शामिल हैं- जैसे डॉ. मुजम्मिल, डॉ. आदिल, डॉ. उमर और शाहीन शाहिद।
20 क्विंटल खाद खरीदी गई
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया है, जिसका मकसद देश के कई शहरों में सिलसिलेवार धमाके करना था। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने करीब 20 लाख रुपये इकट्ठा किए थे। इस पैसे को उमर को ‘ऑपरेशनल खर्च’ के लिए सौंपा गया था। यह रकम एनपीके फर्टिलाइजर खरीदने में भी इस्तेमाल की गई। एनपीके फर्टिलाइजर में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम होता है।
करीब 3 लाख रुपये में गुरुग्राम, नूंह और आसपास के इलाकों से 20 क्विंटल खाद खरीदी गई थी, जिसका इस्तेमाल आईईडी तैयार करने के लिए किया जाना था। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला है कि उमर ने ‘सिग्नल’ एप पर दो से चार सदस्यों का एक सीक्रेट ग्रुप बनाया था, ताकि सुरक्षित तरीके से गतिविधियों का समन्वय किया जा सके।
गजवात-उल-हिंद से प्रभावित था मुजम्मिल
एजेंसियों के अनुसार, डॉ. मुजम्मिल 2021 से 2022 के बीच अंसर गजवात-उल-हिंद से प्रभावित हुआ था। यह समूह आईएसआईएस का एक स्थानीय धड़ा है। मोजम्मिल की इस नेटवर्क से मुलाकात एक व्यक्ति ‘इर्फान उर्फ मौलवी’ के जरिए हुई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि 2023 और 2024 में बरामद किए गए हथियार इसी मॉड्यूल द्वारा जुटाए गए थे, जो एक स्वतंत्र आतंकी संगठन बनाने की तैयारी में थे।
एजेंसी अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या धमाकों के लिए अलग से गाड़ियां तैयार की जा रही थीं। आई20 और इकोस्पोर्ट मामलों के बाद, पता चला है कि संदिग्ध दो और पुरानी गाड़ियां तैयार करने की योजना बना रहे थे, जिनमें विस्फोटक रखे जाते और हमले को बड़े स्तर पर किया जाता।
उमर की पहचान की पुष्टि- डीएनए रिपोर्ट से खुलासा
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि कार ब्लास्ट को अंजाम देने वाला व्यक्ति डॉ. उमर उन नबी ही था। फॉरेंसिक डीएनए जांच में उसकी पहचान उसकी मां के डीएनए से मेल खाने के बाद पुख्ता हुई। एएनआई से बातचीत में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि डीएनए प्रोफाइलिंग ने स्पष्ट रूप से मृतक की पहचान डॉ. उमर उन नबी के रूप में की है। उसकी मां के नमूने से मैच कर संबंध की पुष्टि की गई।
अधिकारियों के मुताबिक, धमाके के बाद कार के अंदर से उमर का पैर स्टीयरिंग और एक्सीलरेटर के बीच फंसा मिला, जिससे यह साफ हो गया कि धमाके के वक्त वही गाड़ी चला रहा था।
जांच में मिली बड़ी सफलता
सूत्रों का कहना है कि उमर की पहचान की पुष्टि से जांच को बड़ी सफलता मिली है। अब पुलिस अन्य सबूतों- जैसे कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और गाड़ी से बरामद सामग्री को इस कड़ी से जोड़ रही है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर पूरे नेटवर्क को सुलझाने में जुटी हैं। फिलहाल जांच का फोकस यह जानने पर है कि विस्फोटक कहां से आए, इनके हैंडलर कौन थे और क्या यह घटना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी।



