
जब धमाकों से कांप उठी दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी में हुए पिछले 10 बड़े विस्फोट
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए धमाके में अभी तक 10 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक लाल किले के पास हुए यह ब्लास्ट एक धीमे से चल रही कार में हुआ है।
Delhi Blast: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास धमाके में आठ लोगों की जान चली गई है। यह धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की कई गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। वहां पर मौजूद चश्मीदीदों के अनुसार धमाका इतना जोरदार था कि दूर तक उसकी आवाज सुनी गई। आस पास पूरे इलाके में आग फैल गई। फिलहाल दिल्ली पुलिस या एजेंसियों की तरफ से कोई खास जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन फरीदाबाद के समीप विस्फोटक मिलने के बाद यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा माना जा सकता है।
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए इस धमाके ने दिल्ली के उन धमाकों की याद दिला दी है, जिन्होंने दिल्ली को हिला दिया था।
आइए जानते हैं उन बड़े धमाकों के बारे में जिन्होंने दिल्ली को हिला दिया था।
7 सितंबर 2011- 7 सिंतबर 2011 के दिन दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर एक बेहद शक्तिशाली विस्फोट हुआ था। इसमें 15 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 79 लोग घायल हो गए थे। हरकत-उल-जिहाद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। इसका मकसद आतंकी अफजल गुरु की फांसी को रुकवाना था।
27 सितंबर 2008- राजधानी दिल्ली में आखिरी बड़ा ब्लास्ट साल 2008 में हुआ था। 27 सितंबर को कुतुब मीनार के पास मेहरौली फूल मार्केट में यह धमाका हुआ था। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 21 लोग घायल हो गए थे।
13 सितंबर 2008- इस दिन देश की राजधानी दिल्ली एक के बाद एक पांच धमाकों से दहल गई थी। यह धमाके सीपी, गफ्फार मार्केट करोल बाग, ग्रेटर कैलाश और एम ब्लॉक मार्केट में हुए थे। इसमें करीब 25 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
14 अप्रैल, 2006- पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद प्रांगण में हुए दो विस्फोटों में कम से कम 14 लोग घायल हो गए।
29 अक्टूबर, 2005- सरोजिनी नगर और पहाड़गंज बाज़ारों में हुए तीन विस्फोटों और दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में एक बस में हुए विस्फोटों में 59 से ज़्यादा लोग मारे गए और कुछ विदेशियों समेत 100 से ज़्यादा घायल हो गए।
22 मई, 2005- दिल्ली के दो सिनेमाघरों में हुए लगातार धमाकों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 60 अन्य घायल हो गए थे।
18 जून, 2000- दिल्ली में लाल किले के पास हुए दो शक्तिशाली बम विस्फोटों में एक आठ वर्षीय बच्ची समेत दो लोगों की मौत हो गई थी और लगभग एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए।
26 जुलाई, 1998- आईएसबीटी के कश्मीरी गेट पर खड़ी एक बस में हुए उच्च तीव्रता वाले विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग घायल हो गए।
30 दिसंबर, 1997- पंजाबी बाग के पास एक बस में हुए बम धमाके में चार यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि लगभग 30 लोग घायल हो गए थे।
30 नवंबर, 1997- आज हुए धमाके की तरह 1997 में भी लाल किला परिसर में विस्फोट हुआ था। इस समय दो धमाके हुए थे। इन दोहरे विस्फोटों ने लोगों को हिला दिया था। इस घटना में तीन लोग मारे गए थे, जबकि 70 घायल हो गए थे।





