TMC में बढ़ी बगावत, कल्याण बनर्जी के खिलाफ स्पीकर के पास पहुंचीं सांसद; संसद में गाली देने का आरोप
इससे पहले काकोली घोष दस्तीदार ने तृणमूल महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद और पार्टी के अन्य पदों से इस्तीफा दिया था। उन्होंने अपने त्यागपत्र में एक पढ़े-लिखे सांसद के महिला विरोधी व्यवहार का जिक्र किया था।

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद ममता बनर्जी की पार्टी में बगावत लगातार बढ़ता ही जा रहा है। महिला विंग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के ठीक बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने अब सीधे देश की संसद के भीतर अपनी ही पार्टी के एक कद्दावर सांसद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। काकोली घोष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक आधिकारिक पत्र लिखकर अपनी ही पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ बदतमीजी और गाली-गलौज की शिकायत दर्ज कराई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजे अपने शिकायत पत्र में टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने न्याय की गुहार लगाते हुए लिखा, "मैं तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई के लिए आपके समक्ष एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति चाहती हूं। उन्होंने लोकसभा के भीतर बार-बार मेरे साथ मौखिक रूप से दुर्व्यवहार किया है। उनका यह महिला विरोधी व्यवहार कई अन्य महिला सांसदों के खिलाफ भी रहा है और इसके लिए उन्हें दंडित किया जाना बेहद जरूरी है।"
आपको बता दें कि इससे पहले काकोली घोष दस्तीदार ने तृणमूल महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद और पार्टी के अन्य पदों से इस्तीफा दिया था। उन्होंने अपने त्यागपत्र में एक पढ़े-लिखे सांसद के महिला विरोधी व्यवहार का जिक्र किया था। हालांकि, तब उन्होंने उस सांसद के नाम का खुलासा नहीं किया था।
ओम बिरला को लिखे पत्र में क्या-क्या
ओम बिरला को लिखे इस पत्र ने अब पूरी स्थिति साफ कर दी है कि वह शिक्षित और वरिष्ठ सांसद कोई और नहीं, बल्कि अपने आक्रामक बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ही हैं। दस्तीदार ने अपने इस्तीफे में यह भी आरोप लगाया था कि इस मामले को लेकर जब उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से संपर्क किया था, तो उन्हें वहां से भी कोई पर्याप्त सहयोग या सहानुभूति नहीं मिली थी। इसके बाद उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।
ममता के लिए भारी फजीहत
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के सदमे से तृणमूल कांग्रेस अभी उबर भी नहीं पाई थी कि इस आंतरिक बगावत ने पार्टी आलाकमान की सिरदर्दी बढ़ा दी है। संसद के भीतर अपनी ही पार्टी के पुरुष सांसद द्वारा महिला सांसद को प्रताड़ित करने का आरोप लगना और उसकी शिकायत विपक्षी दल के बजाय सीधे लोकसभा अध्यक्ष से करना, ममता बनर्जी के नेतृत्व और उनकी पार्टी की छवि के लिए एक बहुत बड़ी फजीहत है।
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लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।
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