राम मंदिर दान चोरी, एथेनॉल, पेपर लीक... संसद में सरकार को इन मुद्दों पर घेरने की तैयारी में विपक्ष
संसद सत्र शुरू होने से पहले एक दिन पहले हुई सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मीडिया के सामने आकर उन मुद्दों की लिस्ट रखी, जिन पर वे सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे हैं।

संसद के सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र से ठीक पहले रविवार को सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में विपक्षी दलों ने साफ कर दिया कि वे सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले विधेयकों के अलावा आम जनता से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर सदन में चर्चा चाहते हैं।
बैठक के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मीडिया के सामने आकर उन मुद्दों की लिस्ट रखी, जिन पर वे सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे हैं।
कांग्रेस का कड़ा रुख: "राम मंदिर में चंदे की चोरी और मणिपुर पर जवाब दे सरकार"
बैठक में शामिल हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल अपने बिल पास कराने में रुचि रख रही है, जबकि देश के सामने कई और संवेदनशील मुद्दे हैं।
गोगोई ने आरोप लगाया कि अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की चोरी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। उन्होंने कहा, "यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। सरकार को इस पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और संसद में इस पर विस्तृत चर्चा करानी चाहिए।"
नीट (NEET) पेपर लीक का नाम लिए बिना उन्होंने छात्रों के देशव्यापी प्रदर्शनों का जिक्र किया। गोगोई ने तंज कसा कि देश का युवा सड़कों पर है, लेकिन सरकार का कोई भी नुमाइंदा इस पर नैतिक जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि चाहे पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग (E20 Fuel) से जुड़ा विवाद हो, छात्रों की समस्याएं हों, राम मंदिर का मुद्दा हो या फिर मणिपुर की गंभीर स्थिति- अगर सरकार इन मुद्दों पर चर्चा से पीछे भागती है, तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
समाजवादी पार्टी की चेतावनी: "परिसीमन के जरिए तानाशाही लाना चाहती है बीजेपी"
सर्वदलीय बैठक में उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी 'समाजवादी पार्टी' के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कांग्रेस के सुर में सुर मिलाते हुए राम मंदिर में चंदे की कथित हेराफेरी और दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाया।
धर्मेंद्र यादव ने मांग की कि नीट परीक्षा में धांधली और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 21 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत और आंदोलन पर संसद में बात होनी चाहिए। सरकार इस जिम्मेदारी से अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती।
आगामी सत्र में सीटों के परिसीमन से जुड़े संभावित संविधान संशोधन बिल को लेकर सपा सांसद ने बीजेपी की मंशा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी परिसीमन की आड़ में देश में "तानाशाही लाना" चाहती है। उन्होंने दो टूक एलान किया कि समाजवादी पार्टी संसद के भीतर और बाहर हर स्तर पर इस परिसीमन का पुरजोर विरोध करेगी।


