राम मंदिर घोटाला: वॉशरूम में न मिले होते वो 40,000 रुपये तो… धांधली के खुलासे की पूरी कहानी
फिलहाल दान के पैसे गिनने वाली टीम के आठ लोगों को पुलिस अब तक गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों के पास से न सिर्फ भारी मात्रा में नकदी, बल्कि सोने-चांदी के आभूषण सहित कई चीजें बरामद की गई हैं।

बीते महीने अयोध्या स्थित राम मंदिर में करोड़ों रुपए की धांधली का खुलासा हुआ। हर रोज देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु यहां अपने आराध्य के चरणों में दिल खोलकर दान अर्पित करते थे। लेकिन इसी पावन परिसर के भीतर कुछ लोग आस्था की आड़ में एक बेहद शातिर खेल खेल रहे थे। भक्त हैरान रह गए कि आखिर उनकी श्रद्धा के साथ इतना बड़ा खेल आखिर हो कैसे गया। वहीं इस धांधली के खुलासे की कहानी भी बेहद चौंकाने वाली है। जानिए कैसे वॉशरूम में 40 हजार रुपए की मिली गड्डी से करोड़ों की धांधली का खुलासा हुआ…
कहानी की शुरुआत तब हुई जब मंदिर परिसर के एक वॉशरुम में रूटीन ड्यूटी पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड की नजर अचानक एक कोने में पड़ी। वहां नोटों का एक संदिग्ध बंडल छिपाकर रखा हुआ था। जब गार्ड ने उसे निकाला, तो उसमें 40,000 रुपये नकद थे। परिसर के वॉशरुम में इतनी बड़ी नकदी का मिलना सामान्य बात नहीं थी। सुरक्षा गार्ड ने तुरंत इसकी सूचना मंदिर प्रशासन को दी। यहीं से जांच का वह धागा खुला जिसने पूरे घोटाले की परतें उधेड़ दीं।
जब खंगाले गए सीसीटीवी कैमरे
शक की सुई सबसे पहले उस जगह पर घूमी जहां चढ़ावे और दान के पैसों की गिनती की जाती थी। मंदिर प्रशासन ने जब कैश काउंटिंग एरिया के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो कैमरे में कैद तस्वीरें देखकर सबके होश उड़ गए। फुटेज में साफ दिख रहा था कि जो लोग पूरी निष्ठा के साथ भक्तों का दान गिनने के लिए नियुक्त किए गए थे, वे ही दान के पैसों पर हाथ साफ कर रहे थे। नोटों की गिनती के बीच ही वे बेहद शातिर तरीके से लाखों रुपयों की चंपत लगा देते थे।
चोरी का शातिर फॉर्मूला
जांच आगे बढ़ी तो आरोपियों के चोरी करने का हैरान करने वाला तरीका सामने आया। आरोपी सबसे पहले दानपात्र से निकले पैसों को गिनने के दौरान चुपचाप नोटों के बंडल अपनी जेबों या कपड़ों में ठूंस लेते थे। इसके बाद वे सीधे वॉशरुम जाते और चुराए गए कैश को वहां पहले से तय गुप्त जगहों पर छिपा देते। यही नहीं, चूंकि मंदिर से बाहर निकलते समय सुरक्षा जांच होती है, इसलिए वे एक साथ सारा पैसा बाहर नहीं ले जाते थे। वे हर रोज छोटे-छोटे हिस्सों में इस पैसे को चुपचाप परिसर से बाहर निकाल लेते थे, जिससे किसी को शक न हो।
जांच में गजब के खुलासे
जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जब इस मामले की आंतरिक जांच की, तो शुरुआती तौर पर 80 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि बरामद की गई। जैसे ही यह खबर बाहर आई, मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को सौंप दी गई। अब तक इस घिनौने खेल में शामिल दान गिनने वाली टीम के आठ लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों के पास से न सिर्फ भारी मात्रा में नकदी मिली है, बल्कि सोने-चांदी के आभूषण और दान के पैसों से खरीदी गई एक आलीशान गाड़ी भी बरामद की गई है। वहीं पुलिस इस समय आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के करीब 50 बैंक खातों को फ्रीज कर जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने चोरी का पैसा कहां-कहां ट्रांसफर किया है।
चोरी की कुल रकम का पता चलना नामुमकिन
जांचकर्ताओं का कहना है कि यह चोरी महीनों से चल रही थी। मंदिर में हर रोज इतना चढ़ावा आता है और पुराने रिकॉर्ड्स भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं थे, इसलिए यह कभी पता नहीं चल पाएगा कि आस्था के इस मंदिर से कुल कितने करोड़ रुपये चुराए गए हैं। सवाल यह भी है कि अगर वॉशरूम में वो 40,000 रुपये न मिले होते तो क्या आज भी धांधली का यह खेल चलता ही रहता?
अब पूरी तरह बदल गई राम मंदिर की दान व्यवस्था
श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचने और इस बड़े घोटाले के उजागर होने के बाद, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरे सिस्टम को बदल दिया है। दान गिनने वाले कमरे के चारों तरफ सुरक्षा का पहरा और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी कई गुना बढ़ा दी गई है। वहीं चाबियों की सुरक्षा और मॉनिटरिंग के लिए कड़े प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं। कैश कलेक्शन सिस्टम को भी इस तरह से अपग्रेड किया जा रहा है ताकि इंसानी दखल कम से कम हो और भविष्य में कोई भी रामभक्तों की आस्था पर डाका डालने की जुर्रत न कर सके।
लेखक के बारे में
Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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