आप बहुमत की जांच नहीं कर सकते; SC के आदेश का करें पालन, TN गवर्नर पर भड़के कपिल सिब्बल, BJP एजेंट बताया

Pramod Praveen पीटीआई, नई दिल्ली
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TVK चीफ विजय दो दिनों के अंदर दूसरी बार लोक भवन गए। उन्होंने गवर्नर से मिलकर कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किए जाने का अनुरोध किया लेकिन गवर्नर ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता अब तक नहीं दिया है।

आप बहुमत की जांच नहीं कर सकते; SC के आदेश का करें पालन, TN गवर्नर पर भड़के कपिल सिब्बल, BJP एजेंट बताया

राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने गुरुवार (7 मई) को तमिलनाडु के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि गवर्नर BJP के 'एजेंट' हैं, जो पार्टी के फ़ायदे के लिए संविधान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं। सिब्बल ने यह टिप्पणी थलापति विजय के नेतृत्व वाली TVK को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न किए जाने पर की है। सिब्बल की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब विजय अपनी पहली सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।

नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में सिब्बल ने कहा, “मुझे उम्मीद थी कि अब तक गवर्नर ने TVK को सरकार बनाने के लिए बुला लिया होगा... जब गवर्नर BJP के एजेंट बन जाते हैं, तो वे BJP के इशारों पर काम करते हैं... अगर विधानसभा से पास हुए किसी बिल की बात आती है, तो सरकार उसे मंज़ूरी नहीं देगी, और बंगाल में, अब जब BJP सत्ता में है, तो वे उसे मंज़ूरी दे देंगे... साफ़ तौर पर, आज की तारीख़ में, TVK के पास सदन में बहुमत नहीं है... गवर्नर भी तमिलनाडु के हालात से पूरी तरह वाकिफ़ हैं। इसलिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए।”

बहुमत साबित करने के लिए समय दें गवर्नर

सिब्बल ने आगे कहा, “इस समय, किसी भी एक पार्टी के पास बहुमत नहीं है। इसलिए, आम तौर पर, सबसे बड़ी पार्टी को भले ही उसके पास बहुमत न हो, सरकार बनाने के लिए बुलाया जाना चाहिए... गवर्नर यह जाँच नहीं कर सकते कि किसके पास बहुमत है, और उन्हें सबसे बड़ी पार्टी और उस पार्टी के नेता को बुलाकर सरकार बनाने के लिए कहना होगा... फिर वे TVK को सदन के पटल पर अपना बहुमत साबित करने के लिए समय दें...लेकिन इस मामले में गवर्नर बस समय लेना चाहते हैं और यह पक्का करना चाहते हैं कि BJP चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर कर सके और किसी तरह TVK को सरकार बनाने से रोक सके।”

दो दिन में दूसरी बार मुलाकात, दोनों बार इनकार

बता दें कि विजय गुरुवार को दो दिनों के अंदर दूसरी बार लोक भवन गए। उन्होंने गवर्नर आर्लेकर से मिलकर कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किए जाने का अनुरोध किया लेकिन गवर्नर ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया और कहा कि पहले 118 विधायकों के दस्तखत का जुगाड़ करें। वहीं, BJP ने ज़ोर देकर कहा कि गवर्नर इस मामले में नियमों के अनुसार ही फ़ैसला लेंगे।

विजय को बुलाइए और मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाइए

तमिलनाडु लोक भवन ने बताया कि गवर्नर आर्लेकर ने TVK प्रमुख विजय को समझाया कि उनकी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए ज़रूरी समर्थन नहीं है। X पर एक पोस्ट में सिब्बल ने कहा, "तमिलनाडु... गवर्नर BJP के एजेंट हैं। वे BJP के फ़ायदे के लिए संविधान को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं।" स्वतंत्र राज्यसभा सांसद ने कहा, "विजय (सबसे बड़ी पार्टी के नेता) को बुलाइए और उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाइए।" सिब्बल ने कहा, “उन्हें सदन के पटल पर अपना बहुमत साबित करने दीजिए। चुनाव के बाद बना गठबंधन बहुमत में नहीं माना जाता। यह एक स्थापित क़ानून है। लेकिन सुनता कौन है!”

23 अप्रैल के चुनावों में TVK ने 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 108 सीटें जीतीं और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालाँकि, कांग्रेस, जिसके पास पाँच विधायक हैं, ने TVK को अपना समर्थन दिया है, फिर भी इस अभिनेता-राजनेता के नेतृत्व वाली पार्टी के पास बहुमत के जादुई आँकड़े 118 तक पहुँचने के लिए अभी भी कुछ सीटों की कमी है।

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लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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