
अचानक टूट गई रेलिंग और फिर...सरकार ने बताया, कैसे मची वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़
श्रीकाकुलम में वेंकटेश मंदिर में मची भगदड़ के पीछे की कई लापरवाहियां भी सामने आई हैं। मंदिर में प्रवेश और निकासी का एक ही रास्ता था। सरकार ने बताया कि एक रेलिंग टूटने के बाद कई लोग गिर पड़े और फिर भगदड़ मच गई।
एकादशी के मौके पर आंध्र प्रदेश के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी के मंदिर में भारी भीड़ जमा हुई थी। इसी दौरान सुबह के 11.30 बजे के करीब भगदड़ मच गई जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं हैं। घटना के दर्दनाक वीडियो भी सामने आ रहे हैं। राज्य की गृह मंत्री वी अनीता ने बताया कि यह दुर्घटना एक रेलिंग के टूटने की वजह से हुई। उन्होंने कहा, मंदिर पहली मंजिल पर ऊंचाई पर स्थित है और जब श्रद्धालु चढ़ रहे थे, तो रेलिंग टूट गई, जिससे एक कोने में खड़े लोग गिर गए और कुछ लोग उनके ऊपर गिर पड़े।

उन्होंने कहा कि काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर एक निजी मंदिर है और धर्मस्व विभाग के अधीन नहीं है, अनीता ने कहा कि हर शनिवार को यहां 1,500 से 2,000 श्रद्धालुओं का आना आम बात है। श्रीकाकुलम के जिलाधिकारी स्वप्निल दिनकर पुंडकर ने कहा, 'कुल 10 लोगों की मौत हुई है। इनमें से सात की मौत घटनास्थल पर और तीन की मौत इलाज के दौरान हुई।'उन्होंने बताया कि मृतकों में अधिकतर महिलाएं शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इतनी ज्यादा भीड़ होने के बाद भी कोई खास सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की गई थी। इसके अलावा क्राउड मैनेजमेंट के लिए कोई बैरिकेडिंग भी नहीं थी। वहीं जिस हिस्से में भगदड़ मची मंदिर का वह हिस्सा अभी निर्माणाधीन था। मंदिर में प्रवेश और बाहर निकलने का रास्ता भी एक ही था। इसलिए दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
घटना पर दुख व्यक्त करते हुए, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में हुई भगदड़ से मुझे बहुत दुख हुआ है। यह बहुत दुखद है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ।’ मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने अधिकारियों को घायलों के लिए बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नायडू ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों और स्थानीय नेताओं को भगदड़ स्थल पर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार एकादशी अवसर पर मंदिर में दस हज़ार से अधिक भक्त दर्शन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश द्वार की बजाय निकास द्वार से अंदर जाने की कोशिश करने लगे, जिससे अफरा-तफरी मचीऔर भगदड़ की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, श्री वेंकटेश्वर मंदिर 12 एकड़ भूमि पर करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है और इसी वर्ष मई में इसका उद्घाटन हुआ था।





