हम ‘मृत समाज’ बनते जा रहे, उन्नाव रेप कांड में सेंगर की जमानत पर भड़के राहुल गांधी; बताया शर्मनाक
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा मंगलवार को निलंबित कर दी। अदालत ने कहा कि वह पहले ही सात साल, पांच महीने जेल में बिता चुके हैं।
Unnao Rape Case: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उन्नाव बलात्कार मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित किए जाने की कड़ी आलोचना की है। राहुल गांधी ने बुधवार को एक बयान में कहा है कि सेंगर को जमानत मिलना निराशाजनक और शर्मनाक है। इस दौरान राहुल गांधी ने यह भी कहा है कि इस तरह की अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक ‘मृत समाज’ बनते जा रहे हैं।
गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को उन्नाव दुष्कर्म मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया। वहीं हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि के खिलाफ दायर उसकी अपील पर अंतिम फैसला आने तक सेंगर को जमानत पर रिहा करने का आदेश भी दिया। इससे पहले दिसंबर 2019 में निचली अदालत ने 2017 में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म मामले में सेंगर को दोषी ठहराते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
राहुल गांधी ने इसी फैसले पर अपना गुस्सा जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? क्या उसकी “गलती” ये है कि वो न्याय के लिए अपनी आवाज उठाने की हिम्मत कर रही है? उसके अपराधी (पूर्व BJP MLA) को ज़मानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है, खासकर तब, जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा हो, और वो डर के साए में जी रही हो।”
राहुल गांधी ने आगे लिखा, “बलात्कारियों को जमानत, और पीड़िताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार, ये कैसा न्याय है? हम सिर्फ एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं, ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं। लोकतंत्र में असहमति की आवाज उठाना अधिकार है, और उसे दबाना अपराध। पीड़िता को सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए, ना कि बेबसी, भय और अन्याय।”





