'अमित शाह जी, कहां हैं आप? जवाब आपको देना है', जंतर-मंतर पर महिलाओं से बदसलूकी पर राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि शनिवार को ही जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा, ‘महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप हैं। कैमरे छीने गए, पत्रकार घसीटे गए। यह पहली बार नहीं है।’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिसकर्मियों की ओर से महिलाओं से बदसलूकी पर गुस्से का इजहार किया है। उन्होंने इन आरोपों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी जवाब मांगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए अमित शाह को इस मामले में जवाब देना चाहिए। राहुल ने कहा, 'जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार ने पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। घंटों से सैकड़ों पत्रकार सिर्फ इतनी मांग लेकर बैठे हैं कि FIR दर्ज कर ली जाए। ये तो पुलिस का बुनियादी काम है न? वह भी नहीं किया।'
राहुल गांधी ने कहा कि शनिवार को ही जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा, 'महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप हैं। कैमरे छीने गए, पत्रकार घसीटे गए। और यह पहली बार नहीं है- इससे पहले भी हमने वीडियो सबूतों के साथ देखा है कि पुलिस के अधिकारी महिलाओं के साथ घिनौनी बदसलूकी करते हैं।' कांग्रेस नेता ने कहा कि पूरी दिल्ली की महिलाएं, छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर घबराहट में हैं, सत्याग्रह कर रही हैं मगर जिस पुलिस पर महिलाओं की हिफाजत की जिम्मेदारी है, वही महिलाओं पर हाथ उठा रही है।'
सरकार किसकी हिफाजत कर रही: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता ने कहा, 'एक महिला की शिकायत दर्ज करने से जो सरकार डरती है, वह आखिर किसकी हिफाजत कर रही है? दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है। अमित शाह जी, कहां हैं आप? जवाब आपको ही देना है।' राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि देश में सत्य को दबाया जा रहा है और इसे रोकना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने देशभर में विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों को एक मंच पर लाने के लिए सत्याग्रह नामक डिजिटल मंच की शुरुआत की। उन्होंने महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के एक दिन बाद शुरू किए गए इस मंच पर लोगों से सरकार के खिलाफ अपने विरोध और संघर्ष को दर्ज कराने का आग्रह किया, ताकि जहां कहीं सत्य को कुचला जा रहा हो, वहां लोगों की मदद की जा सके।
पुरुष पुलिसकर्मियों पर गलत तरीके से छूने का आरोप
वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। आइसा ने अपने बयान में कहा, 'पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और वकीलों के साथ धक्का-मुक्की की। कई महिलाओं ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर उन्हें गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया है।' संगठन ने कहा, 'महिलाओं को न्याय दिलाने का दावा करने वाला पुलिस बल भीड़ को नियंत्रित करने के बुनियादी नियमों का पालन नहीं कर सका। पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ खुलेआम दुर्व्यवहार किया और वे बेहद गैर-पेशेवर तरीके से पेश आए।'


