
इंडिगो संकट के बीच सरकार पर बरसे राहुल गांधी, बोले- एकाधिकार मॉडल का नतीजा
पायलटों की मासिक कार्य सूची से जुड़ी समस्याओं के कारण देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन पूरी तरह चरमरा गया है। 400 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं और कई यात्री हवाई अड्डों पर तीन दिनों तक फंसे हुए हैं।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में परिचालन संबंधी व्यवधान को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडिगो का यह संकट इस सरकार के ‘एकाधिकार मॉडल’ का नतीजा है। इंडिगो की सैकड़ों घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया है जबकि कई उड़ानें देर से रवाना होने से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया- इंडिगो का संकट इस सरकार के ‘एकाधिकार मॉडल’ का नतीजा है। एक बार फिर इसकी कीमत आम भारतीयों को देरी, उड़ानें रद्द होने और लाचारी के रूप में चुकानी पड़ी है। उन्होंने दावा किया कि भारत हर क्षेत्र में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का हकदार है, मैच फिक्सिंग के एकाधिकार का नहीं है।
इससे पहले नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बड़ी संख्या में इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के बाद चालक दल के सदस्यों के आराम संबंधी नियमों में बदलाव आंशिक रूप से वापस ले लिया है। डीजीसीए ने शुक्रवार को सभी विमान सेवा कंपनियों को जारी एक निर्देश में कहा है वह उस आदेश को वापस ले रहा है जिसमें कहा गया था कि चालक दल के सदस्यों के अनिवार्य आराम के घंटों को साप्ताहिक अवकाश से अलग रखना जरूरी होगा। इसमें कहा गया है कि परिचालन में मौजूदा व्यवधानों और विभिन्न एयरलाइंस द्वारा इस संबंध में सौंपे अनुरोधों को देखते हुए यह फैसला किया गया है।
इंडिगो का परिचालन चरमराया, 400 से अधिक उड़ानें रद्द
एयरलाइन पायलटों की मासिक कार्य सूची से जुड़ी समस्याओं के कारण देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन पूरी तरह चरमरा गया है। शुक्रवार को 400 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं और कई यात्री हवाई अड्डों पर तीन दिनों तक फंसे हुए हैं। पायलटों के लिए मासिक कार्य सूची (रोस्टरिंग) का अर्थ है पायलटों को सरकारी नियमों (एफडीटीएल) के अनुसार ड्यूटी, आराम और साप्ताहिक विश्राम आवंटित करने की समय-सारणी बनाना।
हवाई अड्डों पर अराजकता
हवाई अड्डों पर अराजकता का माहौल दिखा। इंडिगो की कई उड़ानें 12 घंटे से अधिक देरी से चलीं, यात्रियों ने विरोध प्रदर्शन किया और सामान खोने की शिकायतें भी सामने आईं। पायलटों की कमी और योजनागत कमियों के कारण आज व्यवधान का चौथा दिन है। पायलटों की कमी और योजनागत खामियों के कारण इंडिगो की उड़ानों में यह व्यवधान आज चौथे दिन भी है और अधिकारी स्थिति पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं।





