राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन को क्यों लिखा पत्र? प्रदर्शनकारियों से मिलने की अपील
14 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजी अपनी चिट्ठी में राहुल गांधी ने छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और उनकी मांगों को जायज ठहराया।

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्रों का आंदोलन और तीव्र हो गया है। सोमवार को आंदोलन के 24वें दिन भी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत कई अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर डटे रहे।
इस बीच, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा, जिसने राज्य में राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी है। खास बात यह है कि राहुल ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से अपील की कि वे आंदोलन कर रहे छात्रों से खुद मिलें और उनकी समस्या सुनें।
राहुल गांधी ने पत्र में क्या-क्या लिखा?
14 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजी अपनी चिट्ठी में राहुल गांधी ने छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और उनकी मांगों को जायज ठहराया।
राहुल ने लिखा, "संविधान की तरफ से दिया गया शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार हमारे लोकतंत्र का मुख्य स्तंभ है। पिछले कुछ महीनों से पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली की कमियों के खिलाफ लड़ रहे छात्रों को कांग्रेस का पूर्ण समर्थन है। कई मांगें जायज हैं और छात्र भूख हड़ताल पर हैं। मेरा सुझाव है कि मुख्यमंत्री खुद छात्र प्रतिनिधियों से मिलकर उनकी चिंताओं का समाधान करें।"
उन्होंने झारखंड सरकार की तरफ से छात्रों के साथ बातचीत शुरू करने की सराहना भी की।
उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि छात्रों की उठाई गई कई मांगों पर सहमति भी बनी है। हालांकि, विरोध प्रदर्शन जारी हैं और कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। मैं आपसे निवेदन करता हूं कि आप व्यक्तिगत रूप से प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से मिलें।”
लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने कहा कि इस कदम से “छात्रों की बाकी चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।”
राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन को पत्र क्यों लिखा?
राहुल गांधी का यह पत्र गठबंधन के सहयोगी- हेमंत सोरेन की JMM सरकार पर दबाव बढ़ाता है कि वे छात्रों की मांगों को जल्द पूरा करें। इससे INDIA गठबंधन में दरार की आशंका भी पैदा होती है।
एक दबाव राहुल गांधी पर भी है, क्योंकि बीजेपी लगातार उन्हें झारखंड में चल रहे छात्र प्रदर्शन के जरिये घेर रही है। भाजपा का कहना है कि राहुल जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जितना एक्टिव थे, झारखंड के छात्रों के लिए वे क्यों कुछ नहीं बोल रहे हैं।
हालांकि, राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए, छात्रों पर हुए लाठी चार्ज को गलत बताया था।
दूसरी तरफ अब भाजपा ने राहुल की भाषा को आपत्तिजनक बताया और सवाल उठाया कि वह खुद रांची क्यों नहीं जा रहे, सिर्फ चिट्ठी लिख रहे हैं।
ऐसा लगता है कि राहुल गांधी ने युवाओं के समर्थन और गठबंधन की साख बचाने के लिए हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है, ताकि छात्र आंदोलन जल्द शांत हो और BJP को राजनीतिक फायदा न मिले।
छात्र बोले- राहुल सरकार से समर्थन वापस लें
राहुल गांधी की चिट्ठी के बावजूद आंदोलनकारी छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। 'JPSC-JSSC सुधार मंच' के बैनर तले विरोध कर रहे अभ्यर्थियों ने कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
छात्रों ने साफ कहा कि अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राहुल गांधी की बात नहीं सुन रहे हैं, तो कांग्रेस को इस गठबंधन सरकार से अपना समर्थन तुरंत वापस ले लेना चाहिए।
रविवार शाम (16 अगस्त) को प्रदर्शनकारी छात्रों ने अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के पुतले फूंके। छात्रों ने सरकार को 18 अगस्त तक मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है।
मांगें न माने जाने पर अभ्यर्थियों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने और हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग करने का ऐलान किया है।
क्या हैं छात्रों की मुख्य मांगें?
14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और JSSC-CGL परीक्षा में 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक में सीटें बेचने के आरोपों की CBI या हाईकोर्ट के पूर्व जजों की कमेटी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
कथित तौर पर प्रभावित JPSC और JSSC की विवादित परीक्षाओं को तुरंत रद्द कर पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित किया जाए।
परीक्षा आयोजित कराने वाली विवादित एजेंसी (TDPL) को तुरंत ब्लैक लिस्ट किया जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हेमंत सोरेन सरकार ने सोमवार (17 अगस्त) दोपहर छात्रों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए दोबारा आमंत्रित किया है


