भिवंडी कोर्ट में पहुंचे राहुल गांधी, पेश करने पड़े नए जमानतदार; क्या है RSS मानहानि केस?

Feb 21, 2026 12:03 pm ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, भिवंडी
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राहुल गांधी 2014 के RSS मानहानि मामले में भिवंडी कोर्ट में पेश हुए और नई जमानत पेश की। कांग्रेस नेताओं ने इसे BJP की साजिश करार दिया है। जानें क्या है पूरा मामला और अगली सुनवाई की तारीख।

भिवंडी कोर्ट में पहुंचे राहुल गांधी, पेश करने पड़े नए जमानतदार; क्या है RSS मानहानि केस?

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को 2014 के आरएसएस मानहानि मामले के सिलसिले में भिवंडी की अतिरिक्त सत्र अदालत में पेश हुए। इस दौरान उनके साथ महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल भी मौजूद थे।

नई जमानत की आवश्यकता क्यों पड़ी?

राहुल गांधी को इस मामले में अपनी जमानत के लिए नए जमानतदार पेश करने पड़े। दरअसल, उनके पहले जमानतदार पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल थे, जिनका हाल ही में निधन हो गया है। इसी वजह से कानूनी प्रक्रिया के तहत एक नया जमानतदार पेश करना आवश्यक था।

वकील नारायण अय्यर का बयान

राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर ने अदालत के बाहर संवाददाताओं को मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और अंततः सच्चाई की ही जीत होगी। वकील ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी इस मामले को पूरी मजबूती से लड़ने और दुनिया के सामने सच्चाई लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि सही समय आने पर अदालत में सबूत पेश किए जाएंगे और अदालत के निर्देशानुसार अब इस मामले की अगली सुनवाई मार्च में होगी।

कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया और भाजपा पर निशाना

राहुल गांधी के मुंबई पहुंचने और कोर्ट में पेश होने के बाद, कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा की राजनीतिक साजिश करार दिया।

हर्षवर्धन सपकाल (महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख) ने कहा- राहुल गांधी हमारे नेता हैं और वे कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के लिए यहां आए हैं। यह स्पष्ट है कि उन्होंने भाजपा और पीएम मोदी का 'असली चेहरा' उजागर किया है, और ठीक इसी वजह से उन्हें इस तरह से निशाना बनाया जा रहा है।

कांग्रेस नेता असलम शेख ने इसे राहुल गांधी को दबाने और परेशान करने का प्रयास बताया। शेख ने जोर देकर कहा कि न तो राहुल गांधी और न ही गांधी परिवार इससे डरेगा या माफी मांगेगा। पूरी कांग्रेस पार्टी सत्ताधारी दल के खिलाफ अंत तक लड़ती रहेगी।

वहीं एक अन्य कांग्रेसी नेता आरिफ नसीम खान ने कहा कि जब भी राहुल गांधी देश और यहां के लोगों की रक्षा के लिए काम करते हैं, और भाजपा सरकार के अत्याचारों, भ्रष्टाचार और साजिशों के खिलाफ जनता की आवाज उठाते हैं, तो उन्हें निशाना बनाया जाता है। यह मामला उसी राजनीतिक उत्पीड़न का हिस्सा है।

क्या है पूरा मामला?

विवादित बयान: यह मामला 6 मार्च 2014 को एक चुनावी रैली के दौरान दिए गए राहुल गांधी के एक बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर दावा किया था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे इसी दक्षिणपंथी संगठन (RSS) का हाथ था।

केस दर्ज: इस बयान के बाद, भिवंडी के एक स्थानीय आरएसएस पदाधिकारी राजेश कुंटे ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।

सुप्रीम कोर्ट का रुख: सितंबर 2016 में, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की आपराधिक कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद राहुल गांधी ने अपनी याचिका वापस ले ली थी और निचली अदालत में ट्रायल (मुकदमे) का सामना करने के लिए अपनी सहमति व्यक्त की थी।

(इनपुट एजेंसी)

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