PM मोदी की 7 अपीलें उपदेश नहीं नाकामी; पेट्रोल, सोना और WFH वाली बात पर बरसे राहुल गांधी
नेता विपक्ष राहुल गांधी का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की बात उपदेश नहीं है बल्कि नाकामी के सबूत हैं। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आखिर अपने 12 सालों के कार्यकाल में देश को मोदी सरकार ने क्या दिया है। लोगों को बताना पड़ रहा है कि क्या वे क्या खरीदें और क्या नहीं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से 7 अपील की हैं। खासतौर पर लोगों से वर्क फ्रॉम होम करने की अपील की है और पेट्रोल-डीजल आदि की खपत को भी सीमित करने को कहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस अपील को एक वर्ग ने देश हित में माना है तो वहीं कुछ लोग इसे सरकार की नाकामी से जोड़ रहे हैं। अब नेता विपक्ष राहुल गांधी का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की बात उपदेश नहीं है बल्कि नाकामी के सबूत हैं। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आखिर अपने 12 सालों के कार्यकाल में देश को मोदी सरकार ने क्या दिया है। हालात यहां तक हैं कि लोगों को बताना पड़ रहा है कि क्या वे क्या खरीदें और क्या नहीं।
राहुल गांधी ने लिखा, 'मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए।' इसके आगे कांग्रेस सांसद लिखते हैं कि हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस के एक और सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि आखिर ऐसी स्थिति कैसे पैदा हुई है। यह बताने के लिए सरकार को संसद का सत्र बुलाना चाहिए। सरकार को पूरे देश को बताना चाहिए कि आखिर ऐसा क्या हुआ है, जिसके चलते ऐसी अपीलें करनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पूरे देश को भरोसे में लिया जाना जरूरी है। अचानक से ऐसी अपीलें करने या फिर कोई फैसला ले लेने वाली बात सही नहीं रहेगी। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान ऐसी अपील की थी।
किसानों से भी पीएम मोदी की अपील, नैचुरल फार्मिंग करें
इसमें उन्होंने कहा था कि जहां तक संभव हो, वर्क फ्रॉम होम को ही प्राथमिकता दें। इसके अलावा उनकी अपील थी कि सोने की खरीद अगले एक साल तक कम कर दें और संभव हो तो बंद कर दें। विदेश यात्रा की बजाय देश में ही घूमने को भी उन्होंने प्राथमिकता दी थी। वहीं स्वदेशी का प्रयोग, सार्वजनिक वाहनों से चलते को बढ़ावा देने की अपील भी उन्होंने की है। उनकी एक अपील किसानों से भी थी कि वे फर्टिलाइजर्स का इस्तेमाल कर दें।
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