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थोपा गया जुल्म है SIR, देशभर में अफरा-तफरी मचा रखी है; चुनाव आयोग पर भड़के राहुल गांधी

थोपा गया जुल्म है SIR, देशभर में अफरा-तफरी मचा रखी है; चुनाव आयोग पर भड़के राहुल गांधी

संक्षेप:

राहुल गांधी ने कहा कि एसआईआर एक सोची-समझी चाल है - जहां नागरिकों को परेशान किया जा रहा है और बीएलओ की अनावश्यक दबाव से मौतों को कॉलैटरल डैमेज मान कर अनदेखा कर दिया है।

Nov 23, 2025 05:40 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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देशभर के विभिन्न राज्यों में जारी एसआईआर प्रक्रिया के बीच हो रहीं बीएलओ की मौतों को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि एसआईआर के नाम पर देशभर में अफरा-तफरी मचा रखी है। इसका नतीजा? तीन हफ्तों में 16 बीएलओ की जान चली गई। हार्ट अटैक, तनाव, आत्महत्या, एसआईआर कोई सुधार नहीं, थोपा गया जुल्म है।

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नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, ''चुनाव आयोग ने ऐसा सिस्टम बनाया है जिसमें नागरिकों को खुद को तलाशने के लिए 22 साल पुरानी मतदाता सूची के हज़ारों स्कैन पन्ने पलटने पड़ें। मक़सद साफ़ है - सही मतदाता थककर हार जाए, और वोट चोरी बिना रोक-टोक जारी रहे। भारत दुनिया के लिए अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर बनाता है, मगर भारत का चुनाव आयोग आज भी काग़ज़ों का जंगल खड़ा करने पर ही अड़ा है। अगर नीयत साफ़ होती तो लिस्ट डिजिटल, सर्चेबल और मशीन-रीडेबल होती -चुनाव आयोग 30 दिन की हड़बड़ी में अंधाधुंध काम ठेलने के बजाय उचित समय ले कर पारदर्शिता और जवाबदेही पर ध्यान देता।''

उन्होंने आगे कहा कि एसआईआर एक सोची-समझी चाल है - जहां नागरिकों को परेशान किया जा रहा है और बीएलओ की अनावश्यक दबाव से मौतों को कॉलैटरल डैमेज मान कर अनदेखा कर दिया है। यह नाकामी नहीं, षड़यंत्र है - सत्ता की रक्षा में लोकतंत्र की बलि है। बता दें कि राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में एक मीडिया रिपोर्ट भी अटैच की है, जिसमें दावा किया गया है कि एसआईआर के बीच 19 दिन में छह राज्यों में 16 बीएलओ की जान चली गई, जिसमें आत्महत्या, हार्टअटैक आदि शामिल है।

वहीं, कांग्रेस ने विभिन्न राज्यों में बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) की मौत को लेकर रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि काम का अत्यधिक बोझ बीएलओ और मतदान अधिकारियों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रहा है। कांग्रेस ने दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का ‘‘जल्दबाजी’’ में किया गया क्रियान्वयन नोटबंदी और कोविड-19 लॉकडाउन की याद दिलाता है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भाजपा की ‘वोट चोरी’ अब जानलेवा रूप ले चुकी है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की, जिसमें दावा किया गया है कि मतदाता सूची के एसआईआर के दौरान 19 दिन में 16 बीएलओ की मौत हो चुकी है।

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।

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