'घर में गुंडे भेज कर 15 साल की बच्ची से माफी मंगवाई' राहुल गांधी ने फिर सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठा रहे मासूम छात्रों को पुलिस और असामाजिक तत्वों की तरफ से पीटा गया, धमकाया गया और उनके घरों पर गुंडे भेजे गए।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों के हालिया प्रदर्शनों के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश के अलग-अलग राज्यों से आए युवा प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने छात्रों के साथ हुई इस खुली और अनौपचारिक बातचीत के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वे इन युवाओं के साहस और लड़ाई पर बेहद गर्व महसूस करते हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठा रहे मासूम छात्रों को पुलिस और असामाजिक तत्वों की तरफ से पीटा गया, धमकाया गया और उनके घरों पर गुंडे भेजे गए।
इस दौरान राहुल गांधी के साथ कुछ प्रदर्शनकारी छात्र भी मौजूद थे। इनमें से एक रिया अहिर भी थीं, जो मुंबई के शिवाजी पार्क के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जा रही पुलिस वैन के सामने खड़ी हो गईं थीं। सोशल मीडिया पर उनकी एक तस्वीर भी खूब वायरल हुई थी।
'15 साल की बच्ची से जबरन माफी मंगवाना पूरी तरह बकवास'
मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने पुलिस प्रशासन और सत्ता पक्ष के रवैये पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि अपने भविष्य की चिंता करना और खराब शिक्षा प्रणाली के खिलाफ शिकायत करना कोई गुनाह नहीं है।
उन्होंने कहा, "हमने अलग-अलग राज्यों से आए युवा प्रदर्शनकारियों से खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें पीटा गया और धमकियां दी गईं। मुझे उन पर और उन जैसे हजारों भारतीय युवाओं पर बहुत गर्व है, जिन्होंने देश के संविधान, भारत की सोच और इसके भविष्य की रक्षा की है।"
राहुल गांधी ने कहा, "एक ऐसी शिक्षा प्रणाली की शिकायत करना जो दोषपूर्ण है, ढह रही है और पूरी तरह निकम्मी साबित हो चुकी है- कोई अपराध नहीं है। अगर कुछ बदलने की जरूरत है, तो वह यह सिस्टम ही है। युवा बस इसी सुधार की मांग कर रहे थे।"
उन्होंने कहा कि छात्र कोई हिंसा या आक्रामकता नहीं कर रहे थे। इसके बावजूद उन पर लाठियां बरसाई गईं।
उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा, "पहले छात्रों पर दबाव बनाना, उनके घरों पर गुंडे भेजना, 15 साल की एक बच्ची से जबरन माफी की मांग करना और फिर उस माफी को स्वीकार करना पूरी तरह से बकवास है। हम इसे बिल्कुल स्वीकार नहीं करते।"
PM मोदी और अमित शाह में साहस नहीं: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, "ये युवा लोग भारत की प्रेस के सामने यहां खड़े हैं। लेकिन अमित शाह और प्रधानमंत्री में यहां खड़े होने का साहस नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा, "इनका यहां आना साहस का काम है। उनके लिए यहां आना आसान नहीं है। वे उत्पीड़न, हिंसा और यातना का सामना कर रहे हैं। मुझे गर्व है कि उनमें अपने मन की बात इतनी स्पष्टता और खूबसूरती से कहने का साहस है। ये ठीक उसी तरह के युवा हैं जिनकी इस देश को जरूरत है। ऐसे हजारों-हजारों युवा हैं और मुझे उन पर बेहद गर्व है।"
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, "इस हिंसा के लिए जिम्मेदार व्यक्ति, जिसने इस युवती पर पेलेट गन से गोली चलाई, वह भारत के गृह मंत्री अमित शाह हैं। उनमें संसद में आने का साहस नहीं है, उनमें इस घटना पर टिप्पणी करने का साहस नहीं है। केवल दो ही संभावनाएं हैं: एक, उन्हें पता ही नहीं था कि बच्चों पर यह हिंसा की जा रही है, इस स्थिति में वे अक्षम हैं। दो, उन्होंने पेलेट गन से गोली चलाने और इन बच्चों पर हिंसा करने का आदेश दिया। इसका मतलब है कि वे दोषी हैं। दोनों ही स्थिति में, वे जिम्मेदार हैं।"


