मैं हटाया गया उपनेता हूं… राज्यसभा में खुलकर बोले राघव चड्ढा; अपनी ही पार्टी पर करारा तंज
आम आदमी पार्टी (AAP) से चल रही खींचतान के बीच राघव चड्ढा ने राज्यसभा में अपनी ही पार्टी पर तीखा तंज कसा। पढ़ें AAP नेताओं के गंभीर आरोप और चड्ढा के पलटवार की पूरी कहानी।

आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा और उनकी पार्टी के बीच हाल ही में हुआ विवाद अब खुलकर राज्यसभा तक पहुंच गया। शुक्रवार को राज्यसभा में बोलते हुए राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर तीखा तंज कसा। हाल ही में उन्हें पार्टी द्वारा राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया गया था और उन पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) से मिले होने के आरोप भी लगाए गए हैं।
सदन में चड्ढा का तंज: मैं हटाया गया उपनेता हूं और मौजूद हूं
17 अप्रैल को हरिवंश नारायण सिंह के लगातार तीसरी बार निर्विरोध राज्यसभा के उपसभापति चुने जाने पर बधाई देने के लिए राघव चड्ढा सदन में खड़े हुए थे। इसी दौरान उन्होंने AAP नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- 'मैं जिस पार्टी से आता हूं, उसके नेता (संजय सिंह) सदन में मौजूद नहीं हैं। मेरी ही पार्टी के नवनियुक्त उपनेता (अशोक कुमार मित्तल) भी सदन में मौजूद नहीं हैं।' इसके बाद उन्होंने तंज कसते हुए कहा- मैं हाल ही में हटाया गया उपनेता हूं और मैं सदन में मौजूद हूं। मुझे बोलने का अवसर देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।
उपसभापति और सभापति की तारीफ
चड्ढा ने अपने भाषण में सदन के पदाधिकारियों की जमकर तारीफ की। चड्ढा ने कहा कि उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह के साथ उनका निजी रिश्ता खट्टा-मीठा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्यकाल में यह रिश्ता पूरी तरह से 'मीठा' हो जाएगा और भविष्य में उन्हें बोलने के लिए एक-दो मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। चड्ढा ने सभापति व उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की भी तारीफ करते हुए कहा कि उनके आने के बाद से शून्य काल में अब 5-6 सदस्यों की बजाय 15-20 सदस्यों को बोलने का मौका मिलता है।
विवाद की शुरुआत और 'The 48 Laws of Power' का जिक्र
2 अप्रैल को AAP ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटा दिया और उनकी जगह पंजाब से ही सांसद अशोक मित्तल को नियुक्त कर दिया। वर्तमान में AAP के राज्यसभा में 10 सांसद हैं। 7 पंजाब से और 3 दिल्ली से। लोकसभा में पंजाब से 3 सांसद हैं।
पार्टी के इस कदम के बाद चड्ढा ने आक्रामक रुख अपना लिया। 2 अप्रैल को उन्होंने X पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, "मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना।" 6 अप्रैल को इंस्टाग्राम पोस्ट पर उन्होंने बिना नाम लिए AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल और शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए अमेरिकी लेखक रॉबर्ट ग्रीन की किताब 'The 48 Laws of Power' का जिक्र किया। उन्होंने लिखा: इस हफ्ते किसी ने मुझे एक किताब गिफ्ट की... मैंने पहला चैप्टर खोला - 'नेवर आउटशाइन द मास्टर' (यानी, अपने बॉस या मालिक से ज्यादा चमकने की कोशिश मत करो)। कुछ किताबें बिल्कुल सही वक्त पर आती हैं।
लेखक के बारे में
Amit Kumarडिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अमित न केवल समाचारों के त्वरित प्रकाशन में माहिर हैं, बल्कि वे खबरों के पीछे छिपे 'क्यों' और 'कैसे' को विस्तार से समझाने वाले एक्सप्लेनर लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं। डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों, जैसे कि कीवर्ड रिसर्च, ट्रेंड एनालिसिस और एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन को वे बखूबी समझते हैं। उनकी पत्रकारिता की नींव 'फैक्ट-चेकिंग' और सत्यापन पर टिकी है। एक मल्टीमीडिया पत्रकार के तौर पर अमित का सफर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ रहा है। उन्होंने अमर उजाला, वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे बड़े मीडिया घरानों के साथ काम किया है।
अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।
और पढ़ें

