
आरक्षण पर कोर्ट के आदेश का बड़ा असर, ठप रहा पूरा तेलंगाना; तोड़फोड़ भी हुई
तेलंगाना में शनिवार का दिन बंद से बुरी तरह प्रभावित रहा। इस बंद का आह्वान बैकवर्ड क्लास संगठनों ने किया था। इसके अलावा कई राजनीतिक दलों का भी इसे समर्थन मिला हुआ था। इसके चलते तेलंगाना में शनिवार को सबकुछ बंद रहा।
तेलंगाना में शनिवार का दिन बंद से बुरी तरह प्रभावित रहा। इस बंद का आह्वान बैकवर्ड क्लास संगठनों ने किया था। इसके अलावा कई राजनीतिक दलों का भी इसे समर्थन मिला हुआ था। इसके चलते तेलंगाना में शनिवार को सबकुछ बंद रहा। स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्ग को 42 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के सरकारी आदेश पर उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक के विरोध में इस बंद का आयोजन किया गया।

तेलंगाना पिछड़ा वर्ग संयुक्त कार्रवाई समिति (बीसी जेएसी) की ओर से बुलाए गए इस बंद का सत्ताधारी दल कांग्रेस ने भी समर्थन किया था। इसके अलावा विपक्षी दल बीआरएस और भाजपा भी इसके पक्ष में रहे। प्रदेश के मंत्री भी बंद के दौरान प्रदर्शन में शामिल रहे। कई शहरों और कस्बों तक इस बंद का असर नजर आया। बंद के दौरान कुछ पिछड़ा वर्ग संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ की। इसके अलावा एक दुकान पर भी तोड़फोड़ की गई।
बस सेवा पर भी दिखा असर
इसके अलावा तेलंगाना की सरकारी बस सेवा पर भी बंद का असर देखने को मिला। बड़े पैमाने पर बसें डिपो में ही खड़ी रह गईं। इसके चलते सामान्य जनजीवन प्रभावित नजर आया। खासतौर पर दिवाली के लिए यात्रा पर निकले लोग जगह-जगह खड़े होकर बसों का इंतजार करते देखे गए। हड़ताल के चलते दुकानें, बिजनेस प्रतिष्ठान और स्कूली संस्थान बंद रहे।
हालांकि बंद के दौरान इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं को बंद से अलग रखा गया। गौरतलब है कि तेलंगाना उच्च न्यायालय ने नौ अक्टूबर को स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़ी जातियों के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले सरकारी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी।





