
भारत आ रहे पुतिन के विमान पर थीं दुनिया की नजरें, बनी सबसे ज्यादा ट्रैक होने वाली फ्लाइट
Putin Flight: राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के बीच होने वाली वार्ता का मुख्य विषय रक्षा संबंधों को मजबूत करना, भारत-रूस व्यापार को बाहरी दबाव से सुरक्षित रखना और छोटे मॉड्यूलर संयंत्रों में सहयोग की संभावनाओं की तलाश जैसे मुद्दों पर केंद्रित होगा।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर हैं। गुरुवार शाम वह राजधानी दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर पहुंचे। करीब 4 साल के बाद भारत आ रहे पुतिन का यह दौरा कई मायनों में खास है। इनमें से एक उनकी फ्लाइट भी है। खबर है कि उनकी फ्लाइट दुनिया की सबसे ज्यादा ट्रैक की जाने वाली फ्लाइट बन गई है। रूसी राष्ट्रपति इस यात्रा के दौरान भारत से रक्षा समेत कई समझौते कर सकते हैं।
Flight Radar 24 के अनुसार, उनकी सबसे ज्यादा ट्रैक की जाने वाली फ्लाइट रूसी सरकार का विमान है, जो भारत जा रहा है। उसके साथ ही Flight Radar 24 ने एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है, जिसमें नजर आ रहा है कि करीब 1772 लोग फ्लाइट के स्टेटस के बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, 'अभी हमारी सबसे ज्यादा ट्रैक की जाने वाली फ्लाइट।'
एक ही कार से निकले दोनों नेता
पुतिन गुरुवार शाम करीब 7 बजे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट (Palam Airport) पहुंचे थे। भारत इस दौरे को कितनी अहमियत दे रहा है, यह इस बात से पता चलता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पालम हवाई अड्डे पर गले लगाकर पुतिन का स्वागत किया और चार साल के अंतराल के बाद भारत आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
दोनों नेता एक ही कार में हवाई अड्डे से निकले। करीब तीन महीने पहले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के बाद चीन के शहर तियानजिन में उन्होंने एक ही वाहन में साथ यात्रा की थी। यह दौरा करीब आठ दशक पुरानी भारत-रूस साझेदारी को और मजबूत करना है, एक ऐसी साझेदारी जो जटिल भू-राजनीतिक माहौल के बावजूद स्थिर बनी हुई है।
यात्रा का एजेंडा
राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के बीच होने वाली वार्ता का मुख्य विषय रक्षा संबंधों को मजबूत करना, भारत-रूस व्यापार को बाहरी दबाव से सुरक्षित रखना और छोटे मॉड्यूलर संयंत्रों में सहयोग की संभावनाओं की तलाश जैसे मुद्दों पर केंद्रित होगा। इस बैठक पर पश्चिमी देशों द्वारा करीबी नजर रखे जाने की संभावना है। रूसी नेता का नयी दिल्ली का यह दौरा इसलिए और भी अहम हो गया है क्योंकि यह भारत-अमेरिका संबंधों में तेजी से आ रही गिरावट की पृष्ठभूमि में हो रहा है। बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार के क्षेत्रों सहित कई समझौते होने की उम्मीद है।





